जिस तरह से हर घर के लिए बेटा जरूरी माना जाता है, ठीक उसी तरह से समाज के और राष्ट्र के उत्थान के लिए हर घर में बेटी का होना बेहद महत्वपूर्ण है। जब एक लड़की जन्म लेती है तो वो अपने घर के साथ-साथ अपने ससुराल की भी जिम्मेदारी बखूबी निभाती है। ऐसे में परिवार को संभालने से लेकर परिवार की पीढ़ी को आगे बढ़ाने तक की जिम्मेदारी एक लड़की की ही होती है।
एक समय था, जब बेटियों को लोग बोझ मानते थे, पैदा होते ही लड़की को मार दिया जाता था, पर आज का वक्त बदल चुका है। अब लोग अपने घर की लड़की को ना सिर्फ शिक्षित बनाते हैं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का भी पूरा प्रयास करते हैं। आज के वक्त में लड़कियां ऊंचाईयों की राह पर चलकर अपना और अपने परिवार का नाम रोशन कर रही हैं।
लड़कियों की स्थिति को और ज्यादा सुधारने के लिए वर्तमान में कई संगठन काफी काम कर रहे हैं। बेटियों के खिलाफ होने वाले अपराधों से उन्हें बचाने और उनके सामने आने वाली चुनौतियों व अधिकारों के संरक्षण के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। हर साल ये दिन 24 जनवरी को मनाया जाता है। अगर आपके घर में भी बेटी है तो उसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए आप कुछ पहल जरूर करें।