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Karl Marx Birth Anniversary: दार्शनिक, अर्थशास्त्री और समाजवाद के प्रणेता को याद करने का दिन

Tue, 05 May 2020 01:36 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कार्ल मार्क्स की मूर्ति
'दुनिया के मजदूरों एक हो' महान विचारक कार्ल मार्क्स ने मजदूरों को अपनी एकता दिखाने के लिए प्रेरित करने के लिए ये बात कही और तब से यह मजदूरों के लिए 'नारा' बन गया। महान विचारक, इतिहासकार और जाने माने जर्मन अर्थशास्त्री कार्ल मार्क्स का जन्म साल 1918 में आज ही के दिन हुआ था। आज मार्क्स को मानने वाले लोग और प्रशंसक उनकी 202वीं जयंती बना रहे हैं। वहीं, उनको नहीं मानने वालों का मत है कि उन्हें मानने वालों की 'गलतियों' के कारण उनके विचारों की प्रासंगिकता खत्म हो गई है। कार्ल मार्क्स एक जर्मन दार्शनिक, अर्थशास्त्री और वैज्ञानिक समाजवाद के प्रणेता थे। आज भी उनके विचार देश की सत्ता में महिलाओं और सर्वहारा वर्ग की हिस्सेदारी, पिछड़ों के अधिकारों का सम्मान करने और साथ लेकर चलने पर बल देते हैं। 
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कार्ल मार्क्स की मूर्ति
कार्ल मार्क्स का जन्म पांच मई 1818 को त्रेवेस के एक यहूदी परिवार में हुआ। 17 वर्ष की आयु में उन्होंने कानून की पढ़ाई के लिए बॉन विश्वविद्यालय में एडमिशन लिया। इसके बाद मार्क्स ने बर्लिन और जेना विश्वविद्यालयों में साहित्य, इतिहास और दर्शन की पढ़ाई की। पढ़ाई में बहुत आगे रहने वाले मार्क्स ने साल 1839-41 में दिमॉक्रितस और एपीक्यूरस के प्राकृतिक दर्शन पर अपना रिसर्च लिखा और पीएचडी पूरी की। उनके विचार आज भी दुनिया को प्रेरित करते हैं। 
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कार्ल मार्क्स की मूर्ति
कार्ल मार्क्स के कई विचार आज भी याद किए जाते हैं। उन्होंने कहा था कि इतिहास खुद को दोहराता है, पहली बार एक त्रासदी की तरह और दूसरी बार एक मजाक की तरह। महिलाओं को लेकर उन्होंने कहा था कि महान सामाजिक बदलाव बिना महिलाओं के उत्थान के असंभव हैं। सामाजिक प्रगति का आकलन महिलाओं की सामाजिक स्थिति देखकर किया जा सकता है। उनके मुताबिक लोकतंत्र समाजवाद का रास्ता है।
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कार्ल मार्क्स की मूर्ति
मार्क्स का कहना था कि खेत, मशीनें, कारखानें आदि उत्पादन के साधन हैं, इन पर जिनका मालिकाना हक होता है वे मालिक और यहां काम करने वाले लोग मजदूर होते हैं। जबकि जो भी  उत्पादन होता है, उसपर मजदूर का कोई हक नहीं होता। मजदूर बेहतर काम की दशा और वेतन की इच्छा रखता है, जबकि मालिक हमेशा अधिक से अधिक लाभ कमाना चाहता है। वर्ग संघर्ष का यह बड़ा कारण है। सभी को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार देने की बात को भी मार्क्स के विचारों से जोड़कर देखा जाता है।
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