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काम की बात: आइसक्रीम खरीदते हैं तो इस कोड पर जरूर दें ध्यान, पता चल जाएगा असली है या नकली

Tue, 05 Oct 2021 11:18 AM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay/Amarujala
कोई भी सामान खरीदते समय उसकी शुद्धता जरूर देखी जाती है। सरकार भी सामान की शुद्धता बताने के लिए कई उपाय करती है, जैसे प्रोडक्ट पर आईएसआई मार्का लगाया जाता है, मुहर लगाई जाती है। इसी प्रकार ग्राहकों की भी यह जिम्मेदारी होती है कि वे भी कोई सामान खरीदते समय उसकी शुद्धता जांच लें, यह चेक कर लें कि प्रोडक्ट असली है या नकली। खाद्य पदार्थों की अगर बात करें तो उसपर FSSAI यानी भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण की निशानी होती है, जिससे फूड की सेफ्टी और स्टैंडर्ड का पता चलता है। आइसक्रीम तो आप खाते ही होंगे, लेकिन क्या कभी आपने इस बात पर ध्यान दिया है कि जो आइसक्रीम आप खा रहे हैं, वो असली है या नकली। शायद नहीं, तो चलिए आज हम आपको बता देते हैं आइसक्रीम के असली और नकली होने का पता कैसे लगाया जा सकता है? 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
दरअसल, आइसक्रीम के डिब्बे या पैकेट पर आईएस (IS) का टैग लगा होता है, जो बताता है कि प्रोडक्ट असली है या नकली। कंज्यूमर अफेयर्स (Consumers Affairs) ने हाल ही में एक ट्वीट किया था, जिसमें उसने कहा है कि जब भी आप आइसक्रीम खरीदें तो उस पर IS 2802 मार्क को कंफर्म कर लें, यानी डिब्बे या पैकेट पर यह जरूर देखें कि IS 2802 लिखा है या नहीं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
IS 2802 का मार्क फूड और एग्रीकल्चर से जुड़े प्रोडक्ट को ब्यूरो ऑफ सर्टिफिकेशन की तरफ से दिया जाता है, जिसमें आइसक्रीम कंपनियां भी आती हैं। अगर प्रोडक्ट पर यह कोड मौजूद है तो इससे पता चलता है कि प्रोडक्ट शुद्ध है और सेहत पर उसका कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
हालांकि बेहतर यही होगा कि आप सीमित मात्रा में ही आइसक्रीम का सेवन करें, वरना यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी साबित हो सकती है। आइसक्रीम खाने से वजन कम करने, एनर्जी का स्तर बढ़ाने और मूड को अच्छा रखने में तो मदद मिलती ही है, लेकिन अधिक सेवन डायबिटीज और हृदय रोग का कारण भी बन सकता है। इसलिए सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करना चाहिए। 
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