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Pitru Amavasya: इन पकवानों का भोग लगा पितरों का कर सकते हैं तर्पण

Fri, 27 Sep 2019 02:49 PM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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शारदीय नवरात्रि के शुरू होने से ठीक पहले जो अमवस्या आती है उसे सर्व पितृ अमावस्या कहते हैं। इस दिन पितरों का तर्पण किया जाता है। मान्यता है कि भाद्रपद पूर्णिमा के दिन पितृ पक्ष की शुरुआत होते ही पितर धरती पर आते हैं और सर्व पितृ अमावस्या के दिन ये धरती से विदा होते हैं। सर्व पितृ अमावस्या के साथ-साथ इस पक्ष की समाप्ति हो जाती है और अगले दिन से नवरात्रि शुरू हो जाती है। हिन्दू धर्म में सर्व पितृ अमावस्या के दिन ज्ञात और अज्ञात पितरों का श्राद्ध किया जाता है। पितरों के तर्पण के लिए इस दिन पकवानों का भोग लगाया जाताा है। आइए जानते हैं किन पकवानों का भोग लगा कर पितरों का तर्पण करेें...
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खीर-पूरी और मीठे पकवान
सर्व पितृ अमावस्या के दिन पकवानों को बना पहले पितरों को भोग लगाएं और ब्राह्मण को भोजन कराएं। श्राद्ध के दौरान खीर-पूरी और मीठे पकवानों का भोग जरूर लगाना चाहिए। मान्यता है कि पितरों का भोजन स्वादिष्ट और सात्विक होना चाहिए। साथ ही भोजन ऐसा होना चाहिए जिसे करने से ब्राह्मण संतुष्ट हो जाए। खीर देवताओं का बड़ा प्रिय भोजन है, क्योंकि इसमें मिठास होता है। इसका भोग लगाने से पितरों को तर्पण प्राप्त होता है।
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उड़द-दाल के व्यंजन
श्राद्ध में उड़द की दाल का विशेष महत्व है। पितरों के तर्पण के लिए भोजन में उड़द के दाल के व्यंजन का भोग जरूर लगाना चाहिए। पितरों को प्रसन्न करने के लिए अलग-अलग तरह के व्यंजन तैयार किए जाते हैं। आप पितरों के भोजन बनाते समय उड़द की दाल से इमरती, दही बड़ा, उड़द की दाल भरी कचौड़ी इत्यादि व्यंजन बना सकते हैं।
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केला का भोग
श्राद्ध के दौरान पितरों को भोजन के साथ-साथ फल का भी भोग लगाया जाता है। पितरों को केला का भोग लगाना चाहिए। मान्यता है कि पितरों को फल के रूप में केला सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है।
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