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शारदीय नवरात्रि 2026: मां शैलपुत्री से सिद्धिदात्री तक, नवरात्रि के हर दिन का प्रिय भोग जान लें

Fri, 09 Oct 2026 03:45 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Navratri Bhog List 2026: अगर आप भी इस नवरात्रि मां दुर्गा की पूजा को विशेष बनाना चाहते हैं, तो जानिए नौ दिनों में किस देवी को कौन-सा भोग अर्पित किया जाता है और प्रसाद चढ़ाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
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नवरात्रि के 9 दिनों के लिए भोग - फोटो : AI
Shardiya Navratri 2026 9 Days Bhog: नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। इन नौ दिनों में भक्त मां शैलपुत्री से लेकर मां सिद्धिदात्री तक, देवी के हर स्वरूप की आराधना करते हैं। पूजा में फूल, फल, मिठाई और अन्य प्रसाद चढ़ाने के साथ ही देवी को उनके प्रिय भोग अर्पित करने की परंपरा भी प्रचलित है। मान्यता है कि सच्चे मन और श्रद्धा से मां को भोग लगाने से घर में सुख-समृद्धि आती है और परिवार पर देवी की कृपा बनी रहती है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री को गाय के घी का भोग लगाया जाता है, जबकि दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी को शक्कर और मिश्री अर्पित करने की परंपरा है? इसी तरह नवरात्रि के हर दिन के लिए अलग-अलग भोग बताए जाते हैं, जिनका संबंध देवी के विशेष स्वरूप और धार्मिक मान्यताओं से है।

अगर आप भी इस नवरात्रि मां दुर्गा की पूजा को विशेष बनाना चाहते हैं, तो जानिए नौ दिनों में किस देवी को कौन-सा भोग अर्पित किया जाता है और प्रसाद चढ़ाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
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शैलपुत्री का प्रिय भोग - फोटो : Amar ujala
पहला दिन, मां शैलपुत्री- गाय का शुद्ध घी

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इन्हें पर्वतराज हिमालय की पुत्री और मां पार्वती का स्वरूप माना जाता है। इस दिन देवी को गाय के शुद्ध घी का भोग लगाने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे आरोग्य और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। शुद्ध घी से बनी मिठाई का भोग बनाकर मां शैलपुत्री को अर्पित किया जा सकता है।
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NAvratri Day 2 Bhog - फोटो : Amar ujala
दूसरा दिन, मां ब्रह्मचारिणी- शक्कर और मिश्री

मां ब्रह्मचारिणी तप, संयम और साधना की प्रतीक हैं। दूसरे दिन उन्हें शक्कर, मिश्री और फल अर्पित करने की परंपरा है। भक्त देवी से धैर्य, आत्मबल और जीवन में कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति देने की प्रार्थना करते हैं।

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मां चंद्रघंटा का प्रिय भोग - फोटो : Amar ujala
तीसरा दिन, मां चंद्रघंटा- दूध और खीर

मां चंद्रघंटा को साहस, शौर्य और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। तीसरे दिन देवी को दूध, दूध से बनी मिठाई या खीर का भोग लगाया जाता है। मान्यता के अनुसार, मां की आराधना से भक्तों को निर्भयता और मानसिक शांति प्राप्त करने की प्रेरणा मिलती है।
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चतुर्थ नवरात्रि मां कुष्मांडा का प्रिय भोग - फोटो : Amar ujala
चौथा दिन, मां कूष्मांडा- मालपुआ

मां कूष्मांडा को सृष्टि की रचनात्मक ऊर्जा से जोड़कर पूजा जाता है। नवरात्रि के चौथे दिन उन्हें मालपुए का भोग लगाने की परंपरा है। भक्त देवी से जीवन में सकारात्मकता, ऊर्जा, सुख और समृद्धि बनाए रखने की कामना करते हैं।
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Navratri Day 5 Bhog Recipe - फोटो : अमर उजाला
पांचवां दिन, मां स्कंदमाता- केला

मां स्कंदमाता भगवान कार्तिकेय की माता हैं। उनका स्वरूप ममता, वात्सल्य और मातृत्व का संदेश देता है। पांचवें दिन देवी को केला अर्पित करने की परंपरा है। भक्त परिवार की खुशहाली, संतान के सुख और अच्छे स्वास्थ्य की कामना से मां की पूजा करते हैं।
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नवरात्रि 6 दिन का प्रिय भोग - फोटो : Amar ujala
छठा दिन, मां कात्यायनी- शहद

मां कात्यायनी को शक्ति और पराक्रम का स्वरूप माना जाता है। छठे दिन उन्हें शहद का भोग लगाने की परंपरा है। भक्त मां से आत्मविश्वास, साहस और जीवन की बाधाओं से लड़ने की शक्ति मांगते हैं।

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नवरात्रि 7वें दिन का भोग - फोटो : Amar ujala
सातवां दिन, मां कालरात्रि- गुड़

मां कालरात्रि को नकारात्मक शक्तियों का नाश करने वाली देवी माना जाता है। सातवें दिन उन्हें गुड़ या गुड़ से बनी मिठाई अर्पित की जाती है। मान्यता है कि मां की उपासना से भय दूर करने और विपरीत परिस्थितियों का सामना करने का साहस मिलता है।

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अष्टमी तिथि पर भोग में क्या बनाएं - फोटो : Amar ujala
आठवां दिन, मां महागौरी- नारियल

मां महागौरी को पवित्रता, शांति और सौम्यता का प्रतीक माना जाता है। अष्टमी के दिन उन्हें नारियल अर्पित करने की परंपरा है। कई घरों में इस दिन कन्या पूजन भी किया जाता है। भक्त मां से परिवार में सुख-शांति और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं।
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Navami Special Bhog Recipe - फोटो : अमर उजाला
नौवां दिन, मां सिद्धिदात्री- तिल

नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। उन्हें सिद्धि, ज्ञान और पूर्णता प्रदान करने वाली देवी माना जाता है। प्रचलित मान्यता के अनुसार, इस दिन देवी को तिल अर्पित किए जाते हैं। नवमी पर कई परिवारों में हलवा, पूरी और चने का प्रसाद बनाकर कन्या पूजन किया जाता है।


नवरात्रि में भोग लगाते समय इन बातों का रखें ध्यान
  • भोग हमेशा श्रद्धा और स्वच्छता के साथ तैयार करें।
  • देवी को भोग लगाने से पहले उसे अलग पात्र में निकालकर पूजा स्थल पर अर्पित करें।
  • अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय रीति-रिवाजों का ध्यान रखें।
  • यदि किसी विशेष सामग्री का भोग संभव न हो, तो फल या घर में बना सात्त्विक प्रसाद भी अर्पित कर सकते हैं।
  • अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन करते समय भोजन की स्वच्छता और बच्चियों की पसंद का ध्यान रखें।

नोट: नौ दिनों के भोग की यह सूची उत्तर भारत में प्रचलित धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में भोग की परंपराएं अलग हो सकती हैं। 
 
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