वैसे तो मोमोज का इतिहास काफी पुराना है और ये बहुत सारे देशों से होते हुए ही भारत पहुंचा। करीब 14वीं शताब्दी में सबसे पहले मोमोज बना था। लेकिन नेपाल और तिब्बत दोनों को ही इसका जन्मस्थान माना जाता है। दरअसल, इस बारे में दोने ही देश अपना दावा करते हैं। लेकिन भारत आने के बाद भारत के स्वाद के हिसाब से ही इसे बनाया जाने लगा। माना जाता है कि 1960 में जब बड़ी संख्या में तिब्बती भारत आए और देश के कई हिस्सों में बस गए। जिसमे लद्दाख, दार्जिलिंग, धर्मशाला, सिक्किम और दिल्ली शामिल है। साथ ही मोमोज की सबसे ज्यादा वैराइटी और पसंद करने वाले लोग भी इन जगहों पर मिल जाएंगे। वहीं मोमोज के भारत आने की एक और कहानी है जिसमे कहा जाता है कि काठमांडू से आने वाले किसी दुकानदार ने तिब्बत की इस रेसिपी को अपने व्यापार के दौरान भारत लाया था।