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अध्ययन: विटामिन-सी और डी के अलावा इस पोषक तत्व की कमी भी बढ़ा देती है कोविड-19 का खतरा, बरतें सावधानी

Thu, 31 Mar 2022 01:52 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना संक्रमण का बढ़ता खतरा - फोटो : Pixabay
चीन और यूरोप के कुछ हिस्सों में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामले अन्य देशों के लिए भी अलार्मिंग हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेषज्ञों के मुताबिक जिस तरह के ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट BA.2 (स्टील्थ ओमिक्रॉन) के केस बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं, ऐसे में सभी को सावधान हो जाना चाहिए। कोरोना का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है, ऐसे में आपकी थोड़ी से भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। अध्ययनों में कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक बताया जा रहा है। यही कारण है कि लोगों को आहार में कई तरह की विटामिन्स वाली चीजों को शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है जिससे कि इम्युनिटी पावर को मजबूत किया जा सके।

कोरोना महामारी की शुरुआत से ही रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और कोरोना के जोखिम को कम करने के लिए विटामिन-सी और डी के सेवन पर जोर दिया जाता रहा है। इस बीच एक हालिया शोध में वैज्ञानिकों ने बताया है कि विटामिन-सी और डी के अलावा जिंक की कमी वाले लोगों में भी संक्रमण का जोखिम काफी बढ़ जाता है। अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि सभी लोगों को आहार में इस पोषक तत्व को जरूर शामिल करना चाहिए। आइए जानते हैं कि इसकी कमी किस तरह से संक्रमण के जोखिम को बढ़ा सकती है?
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जिंक की कमी से कोरोना संक्रमण का खतरा - फोटो : iStock
कोविड-19 और जिंक का संबंध
शोधकर्ताओं का कहना है कि जिंक एक ट्रेस मिनिरल है, जिसका अर्थ है कि शरीर को इसकी थोड़ी मात्रा की आवश्यकता होती है, लेकिन इसकी कमी कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकती है। शरीर में कुछ माइक्रो-मॉलीक्यूलर एंजाइम्स जिंक का उपयोग खुद को सक्रिय करने और शरीर को बाहरी क्षति से बचाने के लिए करते हैं। ये एंजाइम्स किसी बाहरी रोगजनक को श्वसन पथ में प्रवेश करने और शरीर को क्षति पहुंचाने से रोकते हैं। ऐसे में जिन लोगों में इस खनिज की कमी होती है, उन्हें संक्रमण का जोखिम अधिक हो सकता है।
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बेहतर इम्युनिटी के लिए जिंक है जरूरी - फोटो : Pixabay
इम्युनिटी के लिए जिंक की आवश्यकता
कई अन्य अध्ययनों में शोधकर्ताओं ने शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में भी जिंक की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया है। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिंक की पर्याप्त मात्रा कोविड-19 में स्वाद और गंध की कमी को नियंत्रित करने में भी रोगियों की मदद कर सकती है। इम्युनिटी के लिए जिंक की आवश्यकताओं को देखते हुए शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों में इसकी कमी होती है उनमें कोरोना संक्रमण के प्रति संवेदनशीलता काफी बढ़ जाती है। 

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आहार से करें पोषक तत्वों की पूर्ति - फोटो : iStock
शरीर के लिए जिंक की आवश्यकता
अन्य पोषक तत्वों की ही तरह जिंक का सेवन सुनिश्चित करना भी शरीर के लिए अत्यंत आवश्यक माना जाता है। मुख्यरूप से यह खनिज, घावों को ठीक करने और स्वाद-गंध की भावना को नियंत्रित करने में मदद करता है।

चिकित्सा मानकों के अनुसार एक वयस्क पुरुष को प्रतिदिन 11 मिलीग्राम वहीं महिला को कम से कम 8 मिलीग्राम जिंक का सेवन अवश्य सुनिश्चित करना चाहिए। जिंक सेलुलर विकास में भी मदद करता है, यही कारण है कि बचपन और गर्भावस्था के दौरान पर्याप्त मात्रा में जिंक के सेवन की सलाह दी जाती है। 
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जिंक की कमी से हो सकती हैं कई दिक्कतें - फोटो : Pixabay
जिंक की कमी का खतरा
जिन लोगों को पाचन संबंधी विकार जैसे इंफ्लामेटरी बाउल डिजीज या गैस्ट्रो की समस्या होती है, उनके शरीर में स्वाभाविक रूप से जिंक का अवशोषण प्रभावित हो जाता है। इसके अलावा क्रोनिक किडनी डिजीज और लिवर की परेशानियों वाले लोगों में भी जिंक की कमी हो सकती है। गर्भवती महिलाओं को भी जिंक की कमी का खतरा होता है। ऐसे लोगों को आहार पर विशेष ध्यान रखना चाहिए।
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एवोकाडो से प्राप्त करें जिंक - फोटो : Pixabay
जिंक की कमी कैसे पूरी करें?
भोजन में कुछ चीजों को शामिल करके आसानी से जिंक की पूर्ति की जा सकती है। रेड मीट-चिकन के अलावा समुद्री भोजन (जैसे केकड़ा और झींगा मछली), साबुत अनाज, डेयरी उत्पादों में भी जिंक की उपलब्धता होती है। एवोकाडो, ब्लैकबेरी, अनार, अमरूद, खरबूजा, खुबानी, आड़ू, कीवी फल में भी इस पोषक तत्व की मात्रा पाई जाती है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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