फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Monkeypox: मंकीपॉक्स के अधिकतर मरीज इस आयु के, ज्यादातर लोगों में देखे जा रहे हैं ऐसे लक्षण

Tue, 10 Sep 2024 12:34 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
मंकीपॉक्स संक्रमण का खतरा - फोटो : freepik.com
मंकीपॉक्स का संक्रमण वैश्विक स्तर पर विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा रहा है। अफ्रीकी देशों से शुरू हुआ प्रकोप यूएस-यूके सहित अब एशियाई देशों में भी बढ़ता जा रहा है। भारत में भी एक संक्रमित मामले की पुष्टि की गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारियों के मुताबिक संक्रमित व्यक्ति ने हाल ही में एमपॉक्स प्रभावित देश की यात्रा की थी, जहां से उसे संक्रमण हुआ है। फिलहाल रोगी को डॉक्टरों की निगरानी में आइसोलेशन में रखा गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों को मंकीपॉक्स संक्रमण के बारे में जानकारी रखने और बचाव के उपायों का पालन करते रहने की सलाह दी है।

मंत्रालय ने एक एडवाइजरी में स्पष्ट किया है कि देश में मंकीपॉक्स से अन्य लोगों के लिए किसी व्यापक जोखिम का कोई संकेत नहीं है, इसलिए डरें या घबराएं नहीं। बस सभी लोगों को संक्रमण की रोकथाम को लेकर सावधान रहने की जरूरत है। कुछ खास उम्र के लोगों में संक्रमण के मामले अधिक रिपोर्ट किए जा रहे हैं। जोखिम कारकों पर ध्यान देकर आप खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
मंकी पॉक्स को लेकर अलर्ट - फोटो : istock
सरकार ने जारी किए दिशा-निर्देश

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव अपूर्व चंद्रा ने सोमवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एमपॉक्स को लेकर अलर्ट रहने और सावधानी बरतते रहने की सलाह दी है। इसमें कहा गया है कि सभी राज्य मंकीपॉक्स रोग के प्रबंधन के लिए मंत्रालय द्वारा साझा किए गए दिशा-निर्देशों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। विशेषज्ञों ने कहा, संक्रमण से बचाव के उपाय करते रहना सबसे जरूरी है।

विश्व स्तर पर रिपोर्ट किए गए संक्रमण फैलने के तरीकों में, यौन संपर्क सबसे आम है, इसके बाद संक्रमिक व्यक्ति से अन्य लोगों में भी वायरस के प्रसार का खतरा रहता है जिसको लेकर भी सावधानी बरतना जरूरी है।
विज्ञापन

3 of 5
युवाओं में मंकीपॉक्स का खतरा - फोटो : freepik.com
18-44 की आयु वालों में खतरा अधिक

सरकार ने संक्रमण की नैदानिक स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया है कि मंकीपॉक्स के अधिकांश मामले युवाओं में देखे जा रहे हैं। 18-44 वर्ष वाले लोगों में इसका खतरा अधिक देखा जा रहा है, इसमें भी पुरुष ज्यादा शिकार हो रहे हैं। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, वैश्विक स्तर पर उपलब्ध आंकड़ों से पता चलता है कि 96.4% मामले पुरुषों में हैं, जिनकी औसत आयु 34 वर्ष है। मामलों का आयु और लिंग के आधार पर वितरण समय के साथ स्थिर बना हुआ है। महिलाओं में भी इसका खतरा हो सकता है पर ऐसे मामले कम हैं। 

4 of 5
मंकीपॉक्स के लक्षण - फोटो : freepik.com
संक्रमितों में देखे जा रहे हैं ऐसे लक्षण

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया, आमतौर पर शरीर पर चकत्ते और बड़े-बड़े दाने होना मंकीपॉक्स संक्रमण के शुरुआती लक्षण होते हैं। इसके अलावा रोगियों को बुखार, मांसपेशियों में दर्द या गले में खराश जैसे लक्षणों का अनुभव भी होता है। चकत्ते हथेली, तलवों, चेहरे, मुंह, गले, जननांग क्षेत्रों और गुदा पर भी दिखाई देते हैं। लिम्फ नोड्स में सूजन, थकान-कमजोरी की भी दिक्कत बनी रहती है।

एमपॉक्स के लक्षण वायरस के संपर्क में आने के 21 दिनों के भीतर शुरू होते हैं और इसका असर दो-चार हफ्तों तक भी रह सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
मंकीपॉक्स का खतरा - फोटो : freepik.com
पुरुष होते हैं अधिक शिकार

साल 2023 के एक अध्ययन के अनुसार, इस दौरान फैले प्रकोप में 96.4% रोगी पुरुष थे। 84.2% मामलों में रोगियों में संक्रमण के लिए यौन संबंधों को कारण पाया था। ज्यादातर लोग उभयलिंगी या समलैंगिक थे। वर्ल्ड जर्नल ऑफ इमरजेंसी मेडिसिन में प्रकाशित अध्ययन में पाया गया कि 95.7% मंकीपॉक्स संक्रमण के केस पुरुष और केवल 2.3% मामले महिलाओं में देखे गए थे। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यौन संपर्कों के अलावा संक्रमित के निकट संपर्क और शरीर के तरल पदार्थों के माध्यम से भी वायरस फैल सकता है। संक्रमित व्यक्ति द्वारा उपयोग की गई वस्तुएं जैसे कपड़े, चादर, तौलिए आदि के इस्तेमाल से बचें।


--------------
नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें