स्ट्रोक, वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। आंकड़ों के मुताबिक हर 3.5 मिनट में एक व्यक्ति की स्ट्रोक से मौत हो जाती है। हर साल, संयुक्त राज्य में 8 लाख से अधिक लोगों को स्ट्रोक होता है। भारत के संदर्भ में बात करें तो यह बड़ी समस्या बनी हुई है। ब्रेन स्ट्रोक, भारत में कोरोनरी आर्टरी डिजीज (सीएडी) के बाद मृत्यु का दूसरा सबसे आम कारण है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, किसी भी उम्र के व्यक्ति को स्ट्रोक हो सकता है, इस खतरे से बचाव के उपाय करते रहना सभी के लिए आवश्यक है। स्ट्रोक के जोखिमों के बारे में लोगों को अलर्ट करने और इससे बचाव को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 29 अक्तूबर को वर्ल्ड स्ट्रोक डे मनाया जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, स्ट्रोक के मुख्यरूप से दो कारण माने जाते हैं। पहला- धमनी का अवरुद्ध होना (इस्केमिक स्ट्रोक) और दूसरा किसी कारणवश रक्त वाहिका का लीक होना या फट जाना। ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और मोटापा जैसी स्थितियां भी स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा देती हैं। इस तरह के कारकों से बचाव के लिए लाइफस्टाइल और खान-पान को ठीक रखने पर विशेष ध्यान देते रहने की आवश्यकता होती है। आइए जानते हैं कि किन उपायों का पालन करके इस जानलेवा खतरे से बचाव किया जा सकता है?