आंखें ईश्वर का वरदान मानी जाती हैं जिनकी मदद से हम इस दुनिया के खूबसूरत नजारे ले पाते हैं। हालांकि लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण आंखों से संबंधित कई तरह की बीमारियां बढ़ती जा रही हैं। आलम ये है कि कम उम्र में ही लोग भी आंखों की रोशनी कम होने, चशमा लगाने को मजबूर हैं। यहां तक कि पांच साल से कम आयु के बच्चों में भी आंखों से संबंधित दिक्कतें देखी जा रही हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, उम्र बढ़ने के साथ शरीर का लगभग हर अंग प्रभावित होता है, आंखें भी उनमें से एक हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि दृष्टि दोष और अंधेपन से पीड़ित अधिकांश लोग 50 वर्ष से अधिक उम्र के हैं। कम उम्र से ही अगर आंखों की देखभाल पर ध्यान दिया जाए, आहार और लाइफस्टाइल को ठीक रखा जाए तो आंखों की रोशनी को कम होने से बचाया जा सकता है।
आंखों की बीमारियों और दृष्टि दोष की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करने, इन समस्याओं से बचाव के लिए अलर्ट करने के उद्देश्य से हर साल अक्तूबर के दूसरे गुरुवार (इस बार 10 अक्तूबर) को विश्व दृष्टि दिवस (World Sight Day) मनाया जाता है। आइए जानते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ होने वाली आंखों की समस्याओं से कैसे बचाव किया जा सकता है?