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World Oral Health Day 2021: जानिए क्या होता है बेबी बोतल सिंड्रोम? इस तरह छोटे बच्चों को रखें इससे दूर

Sat, 20 Mar 2021 02:14 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बेबी बोतल सिंड्रोम होना बहुत ही आम बात है - फोटो : Asia Press

ओरल हेल्थ जीवन का एक बहुत ही अहम हिस्सा है क्योंकि इससे आपके पूरे शरीर की सेहत जुड़ी होती है। खराब मौखिक स्वास्थ्य दांतो की सड़न और मसूड़ों की बीमारी का कारण बन सकती है और इसका संबंध हृदय रोग, कैंसर और मधुमेह से भी है। दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखना एक आजीवन जिम्मेदारी  है। रखता है। छोटे बच्चो में इन दिनों बेबी बोतल सिंड्रोम होना बहुत ही आम बात है। इसके पीछे कई कारण होते हैं। बहुत जरूरी है कि समय रहते इस विषय में चिकित्सक का परामर्श लिया जाए नहीं तो यह बच्चों के मौखिक स्वास्थ्य को बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है। अगली स्लाइड्स में डॉ सौरभ जिंदल, जनरल मेडिसिन-कंसल्टेंट, मिरेकल्स मेडीक्लीनिक एंड अपोलो क्रेडल हॉस्पिटल, गुरुग्राम से जानिए इस सिंड्रोम से जुड़ी विस्तृत जानकारी। 

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गम लाइन के पास सफेद धब्बे देख सकते हैं - फोटो : अमर उजाला

क्या होता है बेबी बोतल सिंड्रोम?
अक्सर देखा जाता है छोटे बच्चों को दांतो में सड़न या कैविटी बहुत जल्दी होती है, जिसे बेबी बोतल सिंड्रोम के नाम से भी जाना जाता है।  जब यह पहली बार दिखाई देता है तो आप गम लाइन के पास सफेद धब्बे देख सकते हैं। सड़न के बढ़ने पर ये धब्बे भूरे रंग के हो जाते हैं। सही समय पर इसका उपचार नहीं होता है तो ये भविष्य के लिए ठीक नहींं होता है। 

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दांतों पर शक्कर रह जाती है - फोटो : social media

किन वजहों से होता है बेबी बोतल सिंड्रोम?
छोटे बच्चे दिन में दो से तीन बार बोतल से दूध पीते हैं। उनसे थोड़े बड़े बच्चे जूस और मीठी चीजों का भी सेवन करने लगते हैं। ऐसे में कई बार उनके दांतों पर शक्कर रह जाती है क्योंकि बार-बार तो उन्हें ब्रश करवाया नहीं जाता है और यही शक्कर दांतों को खराब करने लगती है जिससे कि बेबी बोतल सिंड्रोम होता है। यदि रातभर शक्कर इसी तरह दांतों पर रह जाती है तब तो इसके होने की संभावनाएं और भी ज्यादा बढ़ जाती है। 

 

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मुंह में दूध की बोतल रखकर सोने की आदत न डालें - फोटो : Pixabay

इस तरह रोका जा सकता है बेबी बोतल सिंड्रोम- 

बोतल की आदत का ऐसे करें प्रबंधन
बच्चा जब भोजन का सेवन करना शुरू कर दे तो उसे बोतल से दूध पिलाना बंद कर दें। बच्चों को मुंह में दूध की बोतल रखकर सोने की आदत न डालें इससे बच्चों के दांतों पर शक्कर रह जाती है और उन पर फिर बैक्टीरिया जमा होने लगते हैं। 

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मसूड़ों को पोछकर साफ करें - फोटो : Social Media

रूमाल से दांत साफ करें
बच्चों के दांत जबतक छोटे हैं, जबतक ब्रश नहीं करवाया जा सकता है तबतक साफ, मुलायम और पतले कपड़े के रूमाल से प्रतिदिन दो बार उनके मसूड़ों को पोछकर साफ करें और जब भी वे मीठा दूध या जूस पिएं तब भी उनके मसूड़ों और छोटे दांतों को साफ करें ताकि शक्कर दांतों पर नहीं रह पाए। 

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कुछ मीठा खाने को न दें - फोटो : Pixabay

दांत बड़े होने पर ऐसे रखें ध्यान
जब बच्चों के दांत बड़े हो जाए तब उनका विशेष ख्याल रखें। बच्चों को दिन में दो बार ब्रश करवाएं। बार-बार कुल्ला करना सिखाएं ताकि शक्कर या जीवाणु दांत पर ठहर न सके। रात में सोने से पहले कुछ मीठा खाने को न दें क्योंकि ये दांतों को खराब करेगा। मीठा खाने या पीने के बाद लंबे समय तक मुंह को झूठा न रहने दें। थोड़ी देर बाद पानी जरूर पिलाएं और साथ ही में उनके दांतों पर उंगली फेरें।

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