नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज की दिक्कत
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फैटी लिवर डिजीज
फैटी लिवर डिजीज, इस अंग में अतिरिक्त फैट्स के जमा होने के कारण होने वाली एक सामान्य स्थिति है। अधिकांश लोगों में इसके कोई लक्षण नहीं होते हैं और यह उनके लिए गंभीर समस्याएं भी पैदा नहीं करता है। हालांकि कुछ मामलों में, यह लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है।
नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज इसी का एक प्रकार है जिसके मामले काफी तेजी से बढ़े हैं, यह समस्या उन लोगों को भी हो सकती है जो शराब का सेवन नहीं करते हैं।
अच्छी खबर यह है कि, आप जीवनशैली में बदलाव के साथ फैटी लिवर की बीमारी की रोकथाम और इसे ठीक भी कर सकते हैं।
दिल्ली के सीके बिरला अस्पताल के एडवांस सर्जिकल साइंस और ओंको-सर्जरी विभाग के डायरेक्टर डॉ. अमित जावेद बताते हैं कि नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज जीवनशैली से संबंधित समस्या है, जो दुनियाभर में लगभग 30 फीसदी आबादी को प्रभावित करती है। भारत की सामान्य आबादी में इसका प्रसार 40 प्रतिशत तक है। साथ ही दिल्ली जैसे शहरों में मामले बढ़ सकते हैं।
भारत में नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज का मुख्य कारण निष्क्रिय जीवन शैली और उच्च कैलोरी भोजन का सेवन है। मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और डिस्लिपिडेमिया NAFLD के लिए मुख्य जोखिम कारक हैं।