लिवर, शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। हमारे खून में रासायनिक स्तर को नियंत्रित करने के साथ पित्त के उत्सर्जन और भोजन के पाचन में लिवर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसके अलावा शरीर से अपशिष्ट उत्पादों को बाहर निकालने और खून को साफ रखने में भी इस अंग का योगदान होता है। पिछले एक दशक में लोगों में लिवर से संबंधित कई तरह की गंभीर बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ता हुआ देखा गया है। हमारी जीवनशैली और खान-पान की गड़बड़ आदतें भी लिवर की सेहत को नुकसान पहुंचाती हैं, जिसके बारे में सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है। लिवर में होने वाली छोटी सी भी समस्या के कारण पूरे शरीर का स्वास्थ प्रभावित हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, आनुवांशिक कारकों के साथ आहार की अशुद्धि लिवर के रोगों का प्रमुख कारण मानी जाती है। शराब का सेवन और मोटापा जैसे कारक भी इस अंग की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। लिवर की समस्याओं पर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह लिवर सिरोसिस और गंभीर स्थितियों में लिवर फेलियर का कारण भी बन सकती है। लिवर स्वास्थ्य के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 19 अप्रैल को विश्व लिवर दिवस मनाया जाता है। आइए तेजी से बढ़ती लिवर की बीमारियों के लक्षण और इससे बचाव के उपायों के बारे में जानते हैं।