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World Kidney Day 2026: शुगर-बीपी नहीं रहता कंट्रोल तो किडनी से भी धो बैठेंगे हाथ, लापरवाही कहीं पड़ न जाए भारी

Thu, 12 Mar 2026 04:46 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Kidney Disease Kyu Hota Hai: जब डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर लंबे समय तक कंट्रोल में नहीं रहते, तो यही दोनों बीमारियां धीरे-धीरे किडनी को नुकसान पहुंचाने लगती हैं। रिसर्च बताती है कि दुनिया भर में क्रॉनिक किडनी डिजीज के प्रमुख कारणों में डायबिटीज और हाइपरटेंशन सबसे ऊपर हैं।
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किडनी की बीमारी का खतरा - फोटो : Adobe Stock
किडनी हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक है। भले ही ये अंग काफी छोटा सा होता है, लेकिन शरीर के कामकाज में इसकी बड़ी भूमिका होती है। किडनी रोजाना लगभग 130-140 लीटर खून को छानकर उसमें से जहरीले पदार्थ, अपशिष्ट जैसे यूरिया-क्रिएटिनिन और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालती है।

किडनी की ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसके अलावा इलेक्ट्रोलाइट्स (सोडियम, पोटेशियम) का संतुलन बनाए रखने, रक्त के pH स्तर को नियंत्रित करने जैसे इस छोटे से अंग के कई बड़े-बड़े काम हैं। 

हालांकि दुनियाभर में किडनी से संबंधित बीमारियों के मामले भी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। कम उम्र के लोगों में भी इसका खतरा देखा जा रहा है। किडनी की समस्याओं पर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो इससे किडनी फेलियर तक का खतरा रहता है जिसे जानलेवा माना जाता है।

किडनी की बीमारियों के लिए लाइफस्टाइल-खानपान में गड़बड़ी को प्रमुख माना जाता है। पर क्या आप जानते हैं कि अगर आपका ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल अक्सर बढ़ा हुआ रहता है तो इससे भी किडनी खराब होने का जोखिम काफी बढ़ सकता है?
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किडनी की समस्याओं के बारे में जानिए - फोटो : Freepik.com
किडनी की बीमारियों का खतरा

दुनियाभर में बढ़ती किडनी की बीमारियों को लेकर लोगों को शिक्षित-जागरूक करने और किडनी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर अलर्ट करने के उद्देश्य से हर साल मार्च महीने के दूसरे गुरुवार (इस बार 12 मार्च) को विश्व किडनी दिवस मनाया जाता है। किडनी की बीमारियों के लिए कई कारणों को जिम्मेदार पाया गया है।
 
  • खान-पान में गड़बड़ी, ज्यादा सोडियम वाली चीजें खाना।
  • धूम्रपान-शराब की आदत।
  • अधिक वजन-मोटापा।
  • बार-बार पेनकिलर का इस्तेमाल।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इन जोखिम कारकों के अलावा जिन लोगों का शुगर लेवल और ब्लड प्रेशर अक्सर बढ़ा हुआ रहता है, उनमें धीरे-धीरे किडनी की दिक्कतें बढ़ने लग जाती हैं। दुनियाभर में क्रॉनिक किडनी डिजीज के प्रमुख कारणों में डायबिटीज और हाइपरटेंशन सबसे ऊपर हैं।
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डायबिटीज के कारण किडनी की समस्याएं - फोटो : Adobe Stock
हाई शुगर के कारण किडनी की बीमारी

डॉक्टर कहते हैं, जिन लोगों का शुगर लेवल अक्सर बढ़ा हुआ रहता है उनमें किडनी की बीमारियों का खतरा अधिक हो सकता है।
 
  • लंबे समय तक हाई शुगर की समस्या किडनी की छोटी-छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाती है। 
  • इससे डायबिटिक नेफ्रोपैथी की समस्या हो सकती है। 
  • लगातार हाई ग्लूकोज के कारण फिल्टरिंग सिस्टम कमजोर हो जाता है, जिससे पेशाब में प्रोटीन आने लगता है, इससे क्रॉनिक किडनी डिजीज हो सकती है।

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ब्लड प्रेशर बढ़ने से किडनी की समस्याएं - फोटो : Freepik.com
हाई ब्लड प्रेशर कितना खतरनाक

हाई ब्लड शुगर की ही तरह से ब्लड प्रेशर भी रक्त वाहिकाओं पर अतिरिक्त दबाव डालता है। 
 
  • ब्लड प्रेशर के कारण किडनी की नाजुक नसें धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त होने लग जाती हैं। 
  • जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो शरीर में नमक और पानी जमा होने लगता है, जिससे बीपी और बढ़ा रहता है।
  • जिन लोगों को हाई  बीपी और हाई शुगर दोनों समस्याएं हैं, उनमें किडनी की बीमारी और इसके खराब होने का खतरा और भी ज्यादा होता है।
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किडनी को हेल्दी रखने के लिए क्या करें? - फोटो : Adobe stock
किडनी को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?

किडनी रोग विशेषज्ञ बताते हैं, बीपी और शुगर के मरीजों को किडनी की सेहत को लेकर खास सावधानी बरतते रहना चाहिए। इन दोनों को कंट्रोल में रखकर आप बड़ी समस्याओं से बच सकते हैं। इसके अलावा लाइफस्टाइल में सुधार करना भी जरूरी है।
 
  • किडनी को स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्यायाम करें। इससे ब्लड प्रेशर, वजन और ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
  • हाई ब्लड प्रेशर से बचने के लिए एक चम्मच से कम नमक का सेवन करें।
  • किडनी को शरीर से गंदगी निकालने में मदद करने के लिए रोजाना पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें।
  • आहार में ताजे फल, सब्जियों और साबुत अनाज की मात्रा बढाएं।  
  • प्रोसेस्ड, ज्यादा सोडियम वाले और मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन कम या बिल्कुल न करें।
  • वजन को कंट्रोल रखें। मोटापा की स्थिति डायबिटीज, हाइपरटेंशन और किडनी की बीमारियों को बढ़ाने वाली हो सकती है।
  • धूम्रपान करने से किडनी में रक्त का प्रवाह धीमा हो जाता है, इसलिए धूम्रपान न करें।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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