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World Iodine Deficiency Day: आयोडीन की कमी थायराइड रोग का प्रमुख कारण, ये ब्रेन डैमेज का भी बढ़ा देती है खतरा

Sat, 21 Oct 2023 02:44 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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आयोडीन की कमी से होने वाली समस्या - फोटो : iStock
हमारे शरीर के सभी अंगों को ठीक तरीके से काम करते रहने के लिए नियमित रूप से आहार के माध्यम से कई प्रकार के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। अक्सर हम सभी कुछ खास प्रकार के विटामिन्स और प्रोटीन्स की तो चर्चा कर लेते हैं, पर इसी तरह आवश्यक मिनरल्स और सूक्ष्म पोषक तत्वों पर ज्यादा बात नहीं की जाती है। आयोडीन ऐसा ही एक अति आवश्यक मिनरल है जिसकी अगर शरीर में कमी हो जाए तो यह थायराइड विकारों का कारण बन सकती है, इतना ही नहीं इसकी गंभीर कमी की स्थिति आपके ब्रेन को भी डैमेज कर देती है।

हमारी सेहत में आयोडीन की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 21 अक्तूबर को वर्ल्ड आयोडीन डिफिशिएंसी डे मनाया जाता है। क्या आपके आहार में शरीर के लिए आवश्यक मात्रा में आयोडीन है? आइए जानते हैं कि ये हमारे लिए क्यों जरूरी है और आहार से आयोडीन की पूर्ति कैसे की जा सकती है?
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आयोडीन और थायराइड की समस्या - फोटो : iStock
आयोडीन की कमी क्यों होती है?

थायराइड ग्रंथि के ठीक से काम करने के लिए आयोडीन की जरूरत होती है। शरीर को थायराइड हार्मोन बनाने के लिए आयोडीन की आवश्यकता होती है। शरीर में स्वयं से आयोडीन उत्पन्न नहीं होता है, इसे भोजन से प्राप्त करने की जरूरत होती है। नमक के माध्यम से हमें शरीर के लिए आवश्यक आयोडीन मिल जाता है। जो लोग मछली या डेयरी का सेवन नहीं करते हैं जैसे वेगन डाइट का पालन करने वाले लोग, उनमें आयोडीन की कमी होने का खतरा अधिक देखा जाता रहा है। 
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आयोडीन की कमी से होने वाली दिक्कतें - फोटो : iStock
गंभीर समस्याओं को बढ़ावा दे सकती है आयोडीन की कमी

यदि आपको पर्याप्त आयोडीन नहीं मिलता है, तो शरीर में थायराइड हार्मोन नहीं बन पाता है। यह स्थिति कई प्रकार की स्वास्थ्य जटिलताओं का कारण बन सकती है। इससे गर्भपात होने,  जन्म दोष, बच्चे के विकास की समस्या, बौद्धिक विकलांग्ता का खतरा रहता है। दुर्लभ मामलों में, गर्भावस्था के दौरान आयोडीन की कमी से ब्रेन डैमेज हो सकता है जिसे क्रेटिनिज्म कहा जाता है। 

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आयोडीन की कमी और इसके दुष्प्रभाव - फोटो : Pixabay
आयोडीन की कमी के क्या लक्षण होते हैं?

बहुत से लोगों को पता ही नहीं होता कि उनमें आयोडीन की कमी है। कुछ लोगों में इसके कारण गर्दन पर घेंघा विकसित हो सकता है। आयोडीन की कमी से हाइपोथायरायडिज्म (अंडरएक्टिव थायराइड, जहां थायराइड हार्मोन बहुत कम बनता है) का भी जोखिम रहता है। आयोडीन की कमी के कारण लगातार थकान बने रहना, अप्रत्याशित रूप से वजन बढ़ने, याददाश्त की समस्या, बालों के झड़ने जैसी दिक्कतें हो सकती है।
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आयोडीन की कमी से ब्रेन को होने वाली दिक्कत - फोटो : Pixabay/Pearvideo.com
आयोडीन की कमी का इलाज और बचाव

जिन लोगों में आयोडीन की कमी होती है, उन्हें इसके सप्लीमेंट्स देने की आवश्यकता हो सकती है। इसके साथ इसकी जटिलताओं को ठीक करने के लिए सहायक चिकित्सा दी जाती है। आयोडीन की कमी को रोकने का सबसे अच्छा तरीका ऐसा आहार खाना है जिसमें आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थ शामिल हों। कुछ प्रकार की मछलियां, झींगा, डेयरी उत्पाद जैसे दूध, दही और पनीर का सेवन करके लाभ पा सकते हैं। आयोडीन युक्त नमक का उपयोग सभी लोगों के लिए जरूरी है। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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