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World Hepatitis Day 2021: हेपेटाइटिस के मरीज हुए कोरोना से संक्रमित, तो बढ़ सकता है मौत का खतरा, जानें लक्षण और बचाव के तरीके

Wed, 28 Jul 2021 12:16 PM IST
प्रकाश चंद जोशी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
डॉ. परवेश मलिक 
फिजिशियन, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एमडी (जनरल मेडिसिन)

Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik

कोरोना वायरस एक ऐसी खतरनाक महामारी है, जो कई तरीकों से मानव शरीर को नुकसान पहुंचा रही है। जो लोग ठीक हो रहे हैं, उनमें भी कई तरह की दिक्कतें ठीक होने के बाद नजर आ रही हैं। वहीं, फेफड़ों के बाद अब कोरोना लिवर पर भी अटैक कर रहा है। दरअसल, कोरोना की चपेट में आए कई ऐसे मरीज हैं, जिनका लिवर अस्थायी तौर पर डैमेज हो चुका था। हालांकि, इसकी सटीक वजह तो सामने नहीं आई, लेकिन लिवर फंक्शन टेस्ट में इसकी पुष्टि जरूर हुई है। डॉक्टर्स के मुताबिक, ऐसे मरीजों की हालत नाजुक होने का खतरा ज्यादा रहता है। वहीं, हेपेटाइटिस वायरस के संक्रमण के कारण लिवर बीमार हो जाता है, जो कि एक आम बात है। वहीं, विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर हेपेटाइटिस के मरीज कोरोना की चपेट में आते हैं, तो इससे मौत का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि कोरोना काल में खुद को हेपेटाइटिस जैसे वायरस से बचाएं। तो चलिए आज विश्व हेपेटाइटिस दिवस के मौके पर इसके लक्षण और बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
ये हैं हेपेटाइटिस के बड़े लक्षण:-

-यूरिन का ज्यादा पीला होना
-पेट में दर्द होना
-आंखों और त्वचा में पीलापन होना
-मल का रंग सामान्य न होना
-उल्टियां होना
-थकान होना।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे
इतने तरह के होते हैं हेपेटाइटिस:-

हेपेटाइटिस ए

ये दूषित पानी और भोजन के कारण होता है। वहीं, इसके लक्षण लिवर में सूजन आना, बुखार आना, उल्टी आना और भूख न लगना है।

हेपेटाइटिस बी

ये संक्रमित ब्लड व सुई और असुरक्षित यौन संबंध के कारण होता है। इसके लक्षण स्किन का रंग पीला पड़ना, पेट में दर्द, उल्टी और थकान होना है।

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हेपेटाइटिस - फोटो : सोशल मीडिया
हेपेटाइटिस सी

ये दूषित ब्लड चढ़ाने से, संक्रमित सुई लगाने से और टैटू बनवाने के कारण होता है। जबकि इसके लक्षण भूख न लगना, थकान होना और त्वचा का पीला पड़ना।

हेपेटाइटिस डी

ये संक्रमित सुई लगवाने से और दूसरे की शेविंग किट का इस्तेमाल करने के कारण होता है। वहीं, बुखार आना, पेट में दर्द, उल्टी होना और जोड़ों में दर्द रहना इसके लक्षण हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
हेपेटाइटिस ई

दूषित खाने और पानी के कारण ये होता है। जबकि त्वचा पर पीलापन, हल्का बुखार आना, वजन घटना और थकान होना इसके लक्षण हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
ऐसे कर सकते हैं बचाव:-

-साबुन से अच्छी तरह से हाथ धोने के बाद ही खाना या कुछ भी खाएं

-फल-सब्जियों को खाने या बनाने से पहले अच्छी तरह से धोएं, और इसके बाद ही इनका सेवन करें
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जंक फूड - फोटो : पेक्सेल्स
-मानसून में पानी को उबालकर पिएं

-बाहर का पका हुआ खाना खाने से खुद को दूर रखें

-मानसून में स्ट्रीट फूड (चाऊमीन, गोलगप्पे, टिक्की आदि) का सेवन न करें।
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कोरोना वैक्सीन - फोटो : पीटीआई
वैक्सीन लगवा सकते हैं
  • जो लोग लिवर के मरीज हैं, उनमें कोरोना वैक्सीन के कोई साइड इफेक्ट्स नजर नही आए हैं। इसलिए माना जा रहा है कि ऐसे मरीजों को अपना टीकाकरण जरूर करवाना चाहिए, ताकि इस बढ़ते खतरे को कम किया जा सके।

नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।  

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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