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World Heart Day 2024: बढ़ते हृदय रोगों के लिए डॉक्टर ने इस स्थिति को बताया बड़ा कारण, आप भी तो नहीं हैं शिकार?

Sun, 29 Sep 2024 07:10 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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विश्व हृदय दिवस 2024 - फोटो : istock
हृदय रोग वैश्विक स्तर पर गंभीर स्वास्थ्य समस्या के रूप में जाने जाते हैं जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। विशेषज्ञों ने बताया कि लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण ये दिक्कत काफी बढ़ गई है, जिसके चलते कम उम्र के लोगों को भी इसका शिकार पाया जा रहा है। इतना ही नहीं काम करते करते, बैठे-बैठे और जिम में लोगों की हार्ट अटैक से मौत हो रही है। ये निश्चित ही गंभीर चिंता का विषय है।

डॉक्टर कहते हैं गड़बड़ दिनचर्या और खान-पान की दिक्कतों ने हृदय रोग के जोखिमों को बहुत बढ़ा दिया है, जिसको लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। हृदय रोग और इससे संबंधी बीमारियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इसके रोकथाम को लेकर लोगों को शिक्षित करने के उद्देश्य से हर साल  29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस (World Heart Day) मनाया जाता है।

हृदय रोग के जोखिमों के लिए डॉक्टर्स की टीम ने बढ़ती स्ट्रेस (तनाव) की समस्या का जिम्मेदार पाया है। मोहाली में हृदय और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर आयोजित एक कार्यक्रम में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक पुरी ने इस बढ़ते जोखिम कारक को लेकर लोगों को सावधान किया। 
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स्ट्रेस से होने वाली समस्या - फोटो : istock
हृदय रोगों के लिए तनाव एक बड़ा कारण

डॉ. दीपक पुरी ने कहा, हृदय रोगों के लिए धूम्रपान या शराब के सेवन, व्यायाम की कमी जैसे कारकों को जिम्मेदार माना जाता रहा है, हालांकि तनाव के कारण इसके खतरे पर अक्सर लोगों का ध्यान नहीं जाता है। अनियमित जीवनशैली और बढ़ते तनाव के कारण विदेशों की तुलना में भारत में हृदय रोगों का खतरा काफी अधिक देखा जा रहा है।

जीवनशैली में बदलाव, पौष्टिक खान-पान और बढ़ते तनाव के स्तर को नियंत्रित रखने वाले उपाय करके आप इस खतरनाक रोग से बचाव कर सकते हैं।


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हृदय की समस्याएं - फोटो : istock
स्ट्रेस और हार्ट की समस्या

स्ट्रेस किस प्रकार से हृदय रोगों का कारण बनती है, इसे समझाने के लिए येल मेडिसिन के विशेषज्ञों ने बताया कि जब हम अक्सर या बहुत अधिक तनाव में रहते हैं तो इसकी प्रतिक्रिया में शरीर कोर्टिसोल नामक हार्मोन रिलीज करता है। अगर आप क्रोनिक स्ट्रेस से परेशान हैं या अक्सर चिंतित रहते हैं तो कोर्टिसोल का स्तर बढ़ा हुआ रह सकता है।

इसके दुष्प्रभावों के कारण रक्तचाप के साथ-साथ रक्त शर्करा, कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स की मात्रा भी बढ़ने लग जाती है। इन सभी को हृदय रोगों के लिए जिम्मेदार पाया गया है।

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तनाव हो सकता है खतरनाक - फोटो : istock
मामूली तनाव भी हो सकता है खतरनाक

न्यूयॉर्क स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ रोचेस्टर मेडिकल सेंटर के विशेषज्ञ कहते हैं, मामूली तनाव भी हृदय की समस्याओं को जन्म दे सकता है। तनाव की स्थिति में हृदय की मांसपेशियों में रक्त का प्रवाह बाधित होने का खतरा बढ़ जाता है। इसमें हृदय को पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन नहीं मिल पाता। इसके अलावा लंबे समय तक तनाव बने रहना रक्त के थक्के बनने के तरीके को भी प्रभावित कर सकता है। इससे रक्त चिपचिपा हो जाता है और हार्ट अटैक-स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
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हृदय रोगों की समस्या - फोटो : istock
व्यायाम इसका सबसे कारगर तरीका

विशेषज्ञों ने कहा, तनाव और हृदय रोग दोनों के खतरे को कम करने के लिए व्यायाम की आदत बनाना सबसे फायदेमंद माना जाता है। हृदय स्वास्थ्य के लिए, प्रति सप्ताह कम से कम 150 मिनट मध्यम-तीव्रता वाले व्यायाम का लक्ष्य रखें। व्यायाम वजन को नियंत्रित करने, कोलेस्ट्रॉल में सुधार करने और रक्तचाप को कम करने में ये मदद करता है जिससे हृदय स्वास्थ्य को ठीक रखा जा सकता है। इसके साथ व्यायाम से स्ट्रेस भी कंट्रोल रहता है जिसके कारण हार्ट की समस्या को बढ़ते हुए देखा जा रहा है।



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स्रोत और संदर्भ

Stress Can Increase Your Risk for Heart Disease

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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