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World Heart Day 2023: पुरुषों-महिलाओं को अलग तरीके से प्रभावित करती है हृदय की बीमारी, इन अंतरों को जरूर जानिए

Fri, 29 Sep 2023 08:00 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हृदय रोगों की समस्या - फोटो : iStock
हृदय रोगों का खतरा अब उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या तक सीमित नहीं रहा है। 30 से कम आयु के लोगों में भी इस रोग का जोखिम बढ़ता जा रहा है, इतना ही नहीं कुछ हालिया रिपोर्ट्स में स्कूली बच्चों में भी हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के कारण मौत के मामले रिपोर्ट किए गए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण लगभग सभी उम्र के लोगों में हृदय से संबंधित रोगों के मामले देखे जा रहे हैं, जिसका मतलब है कि कम उम्र से ही रोग से बचाव के लिए उपाय करते रहना अब बहुत आवश्यक हो गया है।

दुनियाभर में बढ़ते हृदय रोग के जोखिमों को लेकर लेकर को सचेत करने और इससे बचाव के लिए जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है।डॉक्टर्स कहते हैं, पुरुषों-महिलाओं में हृदय रोग की स्थिति अलग-अलग हो सकती है, कई लक्षणों में भी भिन्नता देखी जाती रही है।

आइए जानते हैं कि पुरुष-महिला में हृदय रोगों के लक्षण किस प्रकार से अलग-अलग हो सकते हैं, कैसे इनकी पहचान की जा सकती है?
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हृदय रोग का खतरा - फोटो : Pixabay
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

ब्रीघम एंड वूमेन्स हॉस्पिटल की रिपोर्ट में हृदय रोग और इससे संबंधित समस्याओं के लेकर लोगों को अलर्ट किया गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, हृदय रोग का खतरा सभी उम्र, लिंग में देखा जा रहा है। महिला-पुरुष को ये समस्या अलग-अलग प्रकार से प्रभावित करने वाली हो सकती है, जिसको लेकर सभी को सावधान रहना चाहिए। दोनों लिंगों में कोलेस्ट्रॉल की स्थिति, हार्ट अटैक और हृदय रोगों के जोखिम कारक अलग-अलग हो सकते हैं, जिनपर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए। 
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कोलेस्ट्रॉल की समस्या - फोटो : istock
कोलेस्ट्रॉल की स्थिति में अंतर

ब्रीघम एंड वूमेन्स हॉस्पिटल के विशेषज्ञ कहते हैं, कोलेस्ट्रॉल बढ़ने और इसके कारण होने वाली जटिलताओं की समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है, पर पुरुषों-महिलाओं में इसका बिल्डअप अलग-अलग तरीके से देखा गया है। पुरुषों में आमतौर पर हृदय को रक्त की आपूर्ति करने वाली सबसे बड़ी धमनियों में यह प्लाक जमा होता है जबकि महिलाओं में हृदय की सबसे छोटी रक्त वाहिकाओं, जिन्हें माइक्रोवैस्कुलचर कहा जाता है, उनमें इसके विकसित होने की अधिक आशंका होती है।

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हार्ट अटैक के जोखिम और बचाव - फोटो : istock
हार्ट अटैक के लक्षण भी हो सकते हैं अलग

पुरुषों और महिलाओं में दिल का दौरा पड़ने के लक्षणों भी अंतर देखा जाता रहा है। पुरुष आमतौर पर छाती में दबाव की शिकायत अधिक करते हैं, जबकि महिलाओं में ये लक्षण कम देखा जाता रहा है। इसके अतिरिक्त महिलाओं को जी मिचलाने, पसीना आने, उल्टी होने, गर्दन, जबड़े, गले, पेट या पीठ में दर्द की समस्या हार्ट अटैक के दौरान अधिक होती रहती है। इस तरह के अंतर पर ध्यान देना बहुत जरूरी है।
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हार्ट डिजीज के बारे में जानिए - फोटो : pixaby
हृदय रोग के जोखिम हो सकते हैं भिन्न

महिला का प्रजनन इतिहास उनमें हृदय रोग के खतरे को प्रभावित कर सकता है। वास्तव में, गर्भावस्था के दौरान विकसित होने वाली कुछ बीमारियां, जैसे प्रीक्लेम्पसिया और गर्भकालीन मधुमेह, भविष्य में आपमें हृदय रोग के खतरे का कारक हो सकती हैं। ब्रिघम हेल्थ के जांचकर्ताओं के 2016 के एक अध्ययन से पता चला है कि एंडोमेट्रियोसिस से पीड़ित 40 वर्ष या उससे कम उम्र की महिलाओं में दिल का दौरा पड़ने, सीने में दर्द होने या अवरुद्ध धमनियों की आशंका अधिक देखी जाती रही है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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