आंखें, हमारे लिए कुदरत का तोहफा मानी जाती हैं, जिनकी मदद से हम दुनिया के खूबसूरत नजारे ले पाते हैं। हालांकि समय के साथ आंखों से संबंधित कई प्रकार की बीमारियों का जोखिम बढ़ता जा रहा है। यहां तक कि कम उम्र के लोग भी रोशनी की कमजोरी, कम दिखाई देने के शिकार हो रहे हैं जिस वजह से उन्हें चश्मे की जरूरत हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं पिछले कुछ वर्षों में आंखों से संबंधित कई बीमारियों को भी बढ़ते देखा जा रहा है, ग्लूकोमा उनमें से एक है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ग्लूकोमा की समस्या अंधेपन का भी कारण बन सकती है। इस गंभीर रोग के बारे में लोगों की जागरूकता बढ़ाने और बीमारी से बचाव को लेकर सतर्क करने के उद्देश्य से हर साल 12 मार्च को विश्व ग्लूकोमा दिवस मनाया जाता है।
डॉक्टर कहते हैं, इस रोग के संकेतों की समय पर पहचान करना और इसका उपचार कराना बहुत आवश्यक हो जाता है। आइए ग्लूकोमा की स्थिति के बारे में विस्तार से समझते हैं।