ग्लूकोमा आंखों से संबंधित एक गंभीर बीमारी है, इसे आमतौर पर उन बीमारियों के समूह के तौर पर देखा जाता है जो आंखों में मौजूद ऑप्टिक नर्व्स को क्षति पहुंचाती हैं। हमारी आंखें अति संवेदनशील अंगों में से एक हैं, इनमें होने वाली किसी भी तरह की समस्या का गंभीर दुष्प्रभाव होने का जोखिम रहता है। कुछ स्थितियों में आपकी आंखों पर बहुत अधिक दबाव होने लग जाता है, जिससे ऑप्टिक नर्व्स को क्षति पहुंच सकती है, ये स्थिति ग्लूकोमा जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है।
ग्लूकोमा में आंखों के अंदर मौजूद तरल पदार्थ का दबाव धीरे-धीरे बढ़ता जाता है और द्रव ठीक से बाहर भी नहीं निकल पाता है। ये द्रव एकत्रित होकर ऑप्टिक नर्व्स को नुकसान पहुंचाने लगता है। हम आंखों से जो कुछ देखते हैं, ये नर्व्स उसका संकेत दिमाग को भेजती हैं, जिससे दिमाग में एक छवि बनती है। ग्लूकोमा के रोगियों में ये प्रक्रिया कठिन होती जाती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ज्यादातर मामलों में ग्लूकोमा 60 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों में होने वाली समस्या है, पर क्या ये कम उम्र के लोगों और बच्चों को भी प्रभावित कर सकती है?