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World Diabetes Day 2024: शुगर कंट्रोल रखने के लिए क्या करें? जानिए डायबिटीज में क्या खाएं-क्या नहीं

Thu, 14 Nov 2024 12:01 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

डायबिटीज को कंट्रोल रखने में आहार की विशेष भूमिका होती है। आइए जानते हैं कि मधुमेह के शिकार लोगों को क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?
 
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डायबिटीज में आहार की भूमिका - फोटो : Adobe stock
World Diabetes Day 2024: डायबिटीज की समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है। यहां तक कि दो-तीन साल के बच्चों को भी डायबिटीज का शिकार देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लाइफस्टाइल और आहार में गडबड़ी के कारण टाइप-2 डायबिटीज रोग का खतरा सबसे ज्यादा देखा जाता है। ब्लड शुगर का अक्सर सामान्य से अधिक बने रहना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। यही कारण है कि जिन लोगों का शुगर लेवल कंट्रोल नहीं रहता है उनमें किडनी, आंखों और तंत्रिकाओं से संबंधित समस्या विकसित हो सकती है।

डॉक्टर कहते हैं, सभी लोगों के लिए शुगर की नियमित जांच करते रहना और इसे कंट्रोल में रखने के उपाय करना जरूरी है। वैश्विक स्तर पर बढ़ती इस गंभीर और क्रोनिक बीमारी के बारे में लोगों को जागरूक करने, इससे बचाव को लेकर लोगों को शिक्षित करने के उद्देश्य से हर साल 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस मनाया जाता है।

डायबिटीज को कंट्रोल रखने में आहार की विशेष भूमिका होती है। आइए जानते हैं कि मधुमेह के शिकार लोगों को क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?
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खान पान में करें सुधार - फोटो : Freepik.com
डायबिटीज में आहार की विशेष भूमिका

अमर उजाला से बातचीत में मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ अभिजीत सोमानी कहते हैं, डायबिटीज को कंट्रोल रखने और इसकी जटिलताओं को कम करने में आहार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए स्वस्थ और पौष्टिक आहार बहुत जरूरी है। भोजन में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम रखकर शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। नट्स और मछली से फैटी एसिड प्राप्त होता है, जो न सिर्फ डायबिटीज को कंट्रोल रखने में सहायक है साथ ही इससे डायबिटीज के कारण होने वाली हृदय संबंधित समस्याओं को भी कम किया जा सकता है।

आइए जानते हैं कि डायबिटीज के शिकार लोगों को क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?
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हरी सब्जियां जरूर खाएं - फोटो : freepik.com
डायबिटीज में क्या खाना चाहिए?

डायबिटीज रोगियों को आहार में पौष्टिक चीजों को जरूर शामिल करना चाहिए।

हरी, पत्तेदार सब्जियां
हरी, पत्तेदार सब्जियां पोटेशियम, विटामिन-ए और कैल्शियम का बेहतर स्रोत हैं। इससे प्रोटीन और फाइबर भी प्राप्त किया जा सकता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि हरी, पत्तेदार सब्जियां खाने से मधुमेह के रोगियों को लाभ हो सकता है। 

वसायुक्त मछलियां
वसायुक्त मछलियों को भी आहार का हिस्सा बनाना बहुत लाभदायक है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं जो डायबिटीज के कारण होने वाली समस्याओं से बचाने के साथ हृदय और मस्तिष्क के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने  में बहुत फायदेमंद हैं।

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नट्स का करें सेवन - फोटो : Freepik.com
अखरोट 
डायबिटीज के शिकार लोगों को आहार में नट्स को जरूर शामिल करना चाहिए। मछलियों की तरह, नट्स में भी फैटी एसिड होते हैं जो हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। अखरोट विशेष रूप से अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA) नामक ओमेगा-3 से भरपूर होते हैं। मधुमेह रोगियों में हृदय रोग या स्ट्रोक का जोखिम अधिक हो सकता है, इसलिए इन फैटी एसिड का सेवन करना महत्वपूर्ण है।

खट्टे फल
विटामिन-सी से भरपूर खट्टे फलों को आहार में शामिल करना डायबिटीज रोगियों के लिए बहुत लाभकारी है। ये विटामिन्स और खनिज प्राप्त करने का अच्छा तरीका हो सकता है। संतरे, अंगूर और नींबू जैसे खट्टे फल मधुमेह से पीड़ित लोगों को लाभ पहुंचा सकते हैं। इसमें मौजूद विटामिन-सी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर कई प्रकार की बीमारियों से बचाने में मदद करती है।
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डायबिटीज कैसे कंट्रोल करें? - फोटो : Freepik.com
डायबिटीज में क्या नहीं खाना चाहिए?

आहार में बदलाव करके मधुमेह को नियंत्रित किया जा सकता है। हमेशा उन्हीं चीजों का सेवन करना चाहिए जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) कम होता हो। हाई जीआई वाले खाद्य पदार्थ तेजी से रक्त शर्करा को बढ़ा देते हैं। सफेद ब्रेड, सफेद चावल, पास्ता, आलू,चॉकलेट, कुकीज, केक, कोल्ड ड्रिंक्स और फलों के पैक्ड जूस से शुगर लेवल बढ़ने का खतरा रहता है। इन चीजों का सेवन कम से कम करना या बिल्कुल परहेज करना आपके लिए जरूरी है। 

डायबिटीज वाले लोगों को अपने लिए उपयुक्त आहार के बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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