फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

World Brain Tumor Day: मस्तिष्क में गांठ हो सकती है जानलेवा, जानिए ब्रेन ट्यूमर होने के क्या हैं लक्षण और कारण

Thu, 08 Jun 2023 11:04 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
ब्रेन ट्यूमर के कारण और लक्षण - फोटो : Pixabay
ब्रेन ट्यूमर, एक बेहद खतरनाक और जानलेवा समस्या है, जिसके कारण हर साल दुनियाभर में लाखों लोगों की मौत हो जाती है। वैश्विक स्तर पर साल 2020 में तीन लाख से अधिक लोगों में मस्तिष्क के ट्यूमर का पता चला था। इस आधार पर शोधकर्ताओं का कहना है कि 2025 तक अकेले संयुक्त राज्य अमेरिका में 20 वर्ष से कम आयु के छह हजार बच्चों में इस कैंसर का निदान हो सकता है।

ब्रेन ट्यूमर, मस्तिष्क या उसके आसपास की कोशिकाओं में होने वाली अनियंत्रित वृद्धि की समस्या है। जरूरी नहीं है कि हर ब्रेन ट्यूमर कैंसर कारक ही हो, कुछ नॉनकैंसरस भी हो सकते हैं। हालांकि जब ट्यूमर बढ़ने लगता है तो ये आपकी खोपड़ी के अंदर दबाव बढ़ा सकता है। इससे ब्रेन डैमेज का खतरा रहा है, जिसके कारण मृत्यु का भी जोखिम हो सकता है।

वैश्विक स्तर पर बढ़ रहे ब्रेन ट्यूमर के बारे में लोगों को जागरूक करने और बचाव के उपायों को लेकर शिक्षित करने के उद्देश्य से हर साल 8 जून को वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे मनाया जाता है। आइए इस समस्या के बारे में समझते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
ब्रेन ट्यूमर की समस्या - फोटो : istock
ब्रेन ट्यूमर के बारे में जानिए

ब्रेन ट्यूमर को मुख्यरूप से दो प्रकार का माना जाता है। पहला जिसमें ट्यूमर आपके मस्तिष्क में उत्पन्न होता है और इससे मस्तिष्क के हिस्सों को क्षति का जोखिम हो सकता है। वहीं दूसरे ब्रेन ट्यूमर को मेटास्टैटिक ब्रेन ट्यूमर कहा जाता है इसमें कैंसर कोशिकाएं फेफड़े या स्तन जैसे अन्य अंगों से मस्तिष्क में फैलती हैं।

इस प्रकार के कैंसर के विकसित होने के कई जोखिम कारक हो सकते हैं। 5 से 10 फीसदी मामले आनुवांशिक हो सकते हैं। उम्र के साथ भी ब्रेन ट्यूमर होने का जोखिम बढ़ने लगता है। 
विज्ञापन

3 of 5
ब्रेन ट्यूमर क्यों होता है - फोटो : istock
ब्रेन ट्यूमर होने के कारणों के बारे में जानिए

ब्रेन ट्यूमर तब होता है जब मस्तिष्क में या इसके पास की कोशिकाओं के डीएनए में परिवर्तन हो जाता है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि किन कारणों से डीएनए परिवर्तन होता है। कुछ जोखिम कारक आपमें ब्रेन ट्यूमर या कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाले हो सकते हैं। जैसे कुछ प्रकार के रसायनों के संपर्क में आने से इसका जोखिम अधिक हो सकता है। इसी प्रकार जो लोग रेडिएशन के संपर्क में अधिक रहते हैं उनमें भी यह खतरा बढ़ता देखा गया है।

डॉक्टर कहते हैं, समय रहते इसके लक्षणों की पहचान और इलाज किया जाना आवश्यक होता है।

4 of 5
ब्रेन ट्यूमर के संकेत - फोटो : iStock
ब्रेन ट्यूमर के क्या लक्षण होते हैं?

ब्रेन ट्यूमर के लक्षण ट्यूमर के स्थान और आकार पर निर्भर करते हैं। कुछ ट्यूमर मस्तिष्क के ऊतकों को सीधे नुकसान पहुंचाते हैं और कुछ ट्यूमर आसपास के हिस्सों पर दबाव डालते हैं। इसमें अक्सर सिरदर्द होते रहना सबसे कॉमन है। इसके साथ अगर आपको कुछ और लक्षण लंबे समय से महसूस हो रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
  • सिर में दर्द या दबाव जो सुबह के समय अधिक हो।
  • अक्सर मतली या उल्टी होते रहना। 
  • आंखों की समस्याएं, जैसे धुंधला दिखाई देना या दोहरी दृष्टि।
  • एक हाथ या एक पैर का ठीक से काम न करना।
  • शारीरिक-मानसिक संतुलन में परेशानी होना। 
  • बहुत थकान महसूस होते रहना।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
ब्रेन ट्यूमर से बचाव - फोटो : iStock
ब्रेन ट्यूमर का इलाज और बचाव

यदि ब्रेन ट्यूमर का पता चलता है तो इसका सबसे आम इलाज सर्जरी है। जिसमें मस्तिष्क के स्वस्थ हिस्सों को नुकसान होने से बचाने के लिए कैंसर कोशिकाओं को दूर करना है। सर्जरी के साथ अन्य उपचार माध्यमों जैसे रेडिएशन और कीमोथेरेपी आदि को भी प्रयोग में लाया जा सकता है। डॉक्टर कहते हैं, सभी लोगों को ब्रेन ट्यूमर से बचाव के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।

आप धूम्रपान और रेडिएशन जैसे जोखिमों से बचकर ब्रेन ट्यूमर के जोखिमों को कम कर सकते हैं। यदि आपके परिवार में किसी को ब्रेन ट्यूमर रह चुका है तो अपने जोखिमों के बारे में जानने के लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें। 
 
----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें