आपने भी कई बच्चों को देखा होगा जिनको बोलने, चीजों को ठीक तरीके से समझने में दिक्कत होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, कुछ बच्चों में विकासात्मक समस्याओं का खतरा हो सकता है, जो न सिर्फ उनके शारीरिक विकास को प्रभावित करती है, साथ ही इसके कारण मस्तिष्क पर भी नकारात्मक असर हो सकता है। मेडिकल में इस तरह की समस्याओं को ऑटिज्म या ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर कहा जाता है। ये मस्तिष्क के विकास से संबंधित समस्याओं का समूह है। लगभग 100 में से एक बच्चे को ऑटिज्म की दिक्कत हो सकती है।
वैश्विक स्तर पर बच्चों में देखी जा रही इस समस्या को लेकर लोगों को जागरूक करने, समय पर उपचार को लेकर प्रेरित करने के उद्देश्य से हर साल दो अप्रैल को 'विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस' मनाया जाता है।
कहीं आपके बच्चे को भी इस प्रकार की कोई दिक्कत तो नहीं है? बच्चों में इस समस्या की पहचान कैसे की जा सकती है, आइए ऑटिज्म के बारे में विस्तार से समझते हैं।