ऑटिज्म को विकास सम्बन्धी बीमारी के रूप मे जाना जाता है। इसे ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर कहा जाता है। यह डिसऑर्डर बच्चे के व्यवहार और बातचीत करने के तरीके पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। बच्चों में होने वाली यह बीमारी तब नजर आती है जब बच्चे की सोशल स्किल्स, एक ही व्यवहार को बार-बार दोहराना, बोलने तथा बिना बोलकर कम्युनिकेट करने में परेशानी महसूस होती है तो इसे ऑटिज्म का लक्षण माना जाता है। एएसडी से साधारण सी दिक्कत तो हो ही सकती है साथ ही साथ इससे जीवन पर्यंत की विनाशकारी विकलांगता भी हो सकती है। इस तरह की विकलांगता होने पर फिर हॉस्पिटल केयर की आवश्यकता हो सकती है। अगली स्लाइड्स से डॉ रोहित अरोड़ा , निओनैटॉलॉजी और पेडियाट्रिक्स हेड ,मिरेकल्स मेडीक्लीनिक और अपोलो क्रेडल हॉस्पिटल से जानिए ऑटिज्म से जुड़े कारण।