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Alert: बालों का इलाज करा रही महिला की डैमेज हो गई किडनी, अध्ययन की रिपोर्ट में सामने आई ये गंभीर बात

Fri, 29 Mar 2024 07:03 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हेयर ट्रीटमेंट - फोटो : Istock
कॉस्मेटिक उत्पादों में मौजूद हानिकारक रसायनों के बारे में अब तक कई अध्ययनों में अलर्ट किया जाता रहा है। शोधकर्ता बताते हैं, चेहरे को चमकाने का दावा करने वाली कई क्रीम्स और अन्य उत्पादों में ऐसे हानिकारक तत्व मौजूद हो सकते हैं, जिससे कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। डियोड्रेंट्स को लेकर किए गए शोध में भी इससे होने वाले खतरों को लेकर सावधान किया जाता रहा है। हालांकि इस बार जो मामला सामने आया है वो हैरान कर देने वाला है।

द न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक सैलून में हेयर स्ट्रेटनिंग ट्रीटमेंट ले रही एक महिला की किडनी डैमेज हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक महिला करीब तीन साल की अवधि में बालों को सीधा कराने के लिए अक्सर सैलून जाया करती थी, इसी दौरान उसे सेहत में कुछ दिक्कतें होने लगीं। जांच के दौरान पता चला कि उसे किडनी में गंभीर समस्या हो गई है।

ऐसे में सवाल है कि क्या  हेयर स्ट्रेटनिंग से किडनी फेलियर जैसी दिक्कतों का खतरा हो सकता है?
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हेयर ट्रीटमेंट के नुकसान - फोटो : pexel
हेयर स्ट्रेटनिंग ट्रीटमेंट के कारण किडनी की दिक्कत

मेडिकल रिपोर्ट में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया, बालों को सीधा करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कुछ उत्पादों के कारण आर्गन डैमेज जैसी गंभीर समस्याओं का भी खतरा हो सकता है। डॉक्टर्स ने बताया, महिला की उम्र 26 साल है और वह जून 2020 से जुलाई 2022 के बीच कई बार हेयर ट्रीटमेंट लेने के लिए सैलून जाया करती थी। 

महिला को पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं थी, लेकिन हर बार ट्रीटमेंट लेने के बाद उसे उल्टी, दस्त, बुखार और पीठ दर्द का अनुभव होता था। उपचार के दौरान उसने अपनी खोपड़ी पर जलन की भी शिकायत की और उसके सिर पर अल्सर भी हो गया था।
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किडनी की समस्या - फोटो : istock
किडनी खराब होने की समस्या का पता चला

महिला की स्थिति समय के साथ बिगड़ती जा रही थी। इसके बाद उपचार के दौरान जांच में पाया गया कि खून में क्रिएटिनिन का स्तर काफी बढ़ा हुआ था, जिसमें किडनी की समस्याओं का भी संदेह हुआ। जांच के अगले चरणों में महिला में किडनी खराब होने की समस्या का निदान किया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक महिला ने पेशाब में खून आने की भी शिकायत की थी, जिसके बाद डॉक्टरों ने सीटी स्कैन कराने के लिए कहा लेकिन इसमें संक्रमण का कोई अन्य लक्षण नहीं दिखा था।

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हेयर क्रीम में हानिकारक रसायन - फोटो : istock
स्ट्रेटनिंग क्रीम में हो सकते हैं खतरनाक रसायन

डॉक्टर्स कहते हैं, बालों का इलाज करने के दौरान स्ट्रेटनिंग क्रीम लगाया जाता था जिसमें रासायनिक ग्लाइऑक्सिलिक एसिड होता है। डॉक्टर इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि संभवतः इसके कारण ही उसकी खोपड़ी में जलन और अल्सर हो गया था।

बाद में चूहों पर किए गए प्रयोग में पता चला कि ये एसिड त्वचा के माध्यम से शरीर में अवशोषित हो जाता है और किडनी तथा अन्य अंगों तक पहुंच सकता है, जिसके  कारण कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा हो सकता है।
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गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर अलर्ट - फोटो : istock
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

अध्ययन में कहा गया है कि महिला को ऑक्सालेट नेफ्रोपैथी के कारण अक्यूट किडनी इंजरी का सामना करना पड़ा। ये एक दुर्लभ विकार है जिसके कारण किडनी की नलिकाओं में कैल्शियम ऑक्सालेट क्रिस्टल का निर्माण होने लगता है जो किडनी की कार्यक्षमता को कम कर देती है।

मैरीलैंड विश्वविद्यालय में मेडिसिन और फार्मेसी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ जोशुआ डेविड किंग कहते हैं, कई प्रकार के कॉस्मेटिक उत्पादों में ग्लाइऑक्सिलिक एसिड का उपयोग किया जाता रहा है, इससे होने वाले दुष्प्रभावों को देखते हुए इसपर प्रतिबंध लगाना और इसकी जगह पर स्वस्थ विकल्पों के उपयोग पर ध्यान देने आवश्यक हो जाता है। इसके अलावा सभी लोगों को किसी भी प्रकार के कॉस्मेटिक उत्पाद को प्रयोग में लाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।


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स्रोत और संदर्भ
Kidney Injury and Hair-Straightening Products Containing Glyoxylic Acid

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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