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Insomnia: नींद की कमी सेहत के लिए 'स्लो पॉइजन', शरीर में होने लगते हैं ये नकारात्मक बदलाव

Mon, 11 Aug 2025 09:59 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में नींद न आने की समस्या बहुत आम हो गई है। ऐसे में बहुत से लोग नींद से समझौता कर लेते हैं, और अपनी नींद नहीं पूरी कर पाते हैं। इसलिए आइए इस लेख में जानते हैं कि पर्याप्त नहीं न लेने से शरीर पर क्या असर पड़ता है।
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गहरी नींद का महत्व - फोटो : Adobe Stock
Importance Of Sleep: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में, बहुत से लोग नींद को उतना महत्व नहीं देते जितना देना चाहिए, जबकि यह हमारे शरीर के लिए मूलभूत आवश्यकताओं में से एक है। काम का दबाव, तनाव और आधुनिक जीवनशैली के चलते लोग अक्सर अपनी नींद से समझौता कर लेते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि यह आदत हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए कितनी खतरनाक साबित हो सकती है?

नींद की कमी केवल थकान तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे शरीर में कई गंभीर बीमारियों भी पनपती हैं। इसके अलावा जब कोई व्यक्ति रोज नींद से समझौता करता है तो इससे उसका सर्केडियन रिदम प्रभावित होता है और इस आदत की वजह से इनसोम्निया (अनिद्रा) जैसी समस्याएं होने लगती हैं। इसलिए आइए इस लेख में जानते हैं कि अच्छी नींद क्यों जरूरी है और साथ ही ये भी जानेंगे कि नींद की कमी से हमारे शरीर को क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं?
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नींद की कमी का मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव - फोटो : freepik
मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव
नींद का सीधा संबंध हमारे मानसिक स्वास्थ्य से है। जब हमें पर्याप्त नींद नहीं मिलती, तो हमारा दिमाग ठीक से काम नहीं कर पाता। इससे ध्यान केंद्रित करने में कमी आती है, याददाश्त कमजोर होती है और निर्णय लेने की क्षमता भी प्रभावित होती है।

लंबे समय तक नींद की कमी से मूड में चिड़चिड़ापन, तनाव और एंग्जाइटी जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। कई शोधों से यह भी पता चला है कि नींद की कमी, डिप्रेशन और अन्य मानसिक विकारों का जोखिम बढ़ा सकती है।

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इनसोम्निया का शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव - फोटो : Freepik.com
शारीरिक स्वास्थ्य के लिए खतरा
नींद की कमी का असर सिर्फ दिमाग पर ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर पर पड़ता है। अच्छी नींद हमारे शरीर को ठीक करने और उसे दोबारा तरोताजा करने का काम करती है। जब हम सोते हैं तो हमारी मांसपेशियां और कोशिकाएं खुद को ठीक करती हैं।

पर्याप्त नींद न मिलने से हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता  कमजोर हो जाती है, जिससे हम आसानी से बीमार पड़ सकते हैं। इसके अलावा यह शरीर में सूजन को बढ़ा सकती है, जो कई गंभीर बीमारियों, जैसे हृदय रोग और डायबिटीज, का कारण बन सकती है।

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वेट लॉस - फोटो : Freepik.com
वजन और हार्मोन में असंतुलन
नींद की कमी का एक और बड़ा दुष्प्रभाव शरीर के वजन पर पड़ता है। जब आप कम सोते हैं, तो भूख को नियंत्रित करने वाले हार्मोन, लेप्टिन और घ्रेलिन, का संतुलन बिगड़ जाता है। इससे आपकी भूख बढ़ जाती है और आपको मीठा व अनहेल्दी खाने की तीव्र इच्छा होती है। यह स्थिति मोटापे का कारण बन सकती है। इसके अलावा, नींद की कमी से इंसुलिन प्रतिरोध भी बढ़ सकता है, जिससे टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।
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sleep - फोटो : adobe stock
अच्छी नींद के उपाय
अच्छी नींद हमारे अच्छे स्वास्थ्य के लिए मूलभूत आवश्यकता है। यह सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि एक आवश्यकता है। अगर आप नींद की कमी से जूझ रहे हैं, तो कुछ उपाय अपना सकते हैं। सोने का एक नियमित समय तय करें, सोने से पहले कैफीन और शराब का सेवन न करें, और अपने कमरे को ठंडा व शांत रखें। मोबाइल और लैपटॉप जैसे गैजेट्स से सोने से कम से कम एक घंटा पहले दूरी बना लें। यदि आपकी नींद की समस्या बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें, क्योंकि यह किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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