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Omega-3 Fatty Acid: हार्ट-ब्रेन ही नहीं, इन समस्याओं के लिए भी वरदान है ओमेगा-3; आपकी डाइट में है इसकी मात्रा?

Wed, 22 Jul 2026 08:30 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ज्यादातर लोग ओमेगा-3 का नाम सुनते ही इसे केवल दिल और दिमाग से जोड़ते हैं। यह सही भी है लेकिन शरीर की कई अन्य प्रक्रियाओं में भी ओमेगा-3 महत्वपूर्ण योगदान देता है।
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ओमेगा-3 वाली चीजें जरूर खाएं - फोटो : freepik.com
अगर आपका पोषण ठीक है तो कई बीमारियां खुद-ब-खुद दूर भागेंगी। कई अध्ययन इस बात को प्रमाणित कर चुके हैं कि अच्छी सेहत के लिए खान-पान ठीक रखना सबसे जरूरी है। ऐसी चीजें ज्यादा से ज्यादा खानी चाहिए जिससे शरीर को जरूरी पोषक तत्वों की आसानी से पूर्ति हो जाए।

ओमेगा-3 फैटी एसिड भी ऐसा ही एक जरूरी पोषक तत्व है। इसे शरीर खुद पर्याप्त मात्रा में नहीं बना पाता, इसलिए इसे भोजन या सप्लीमेंट्स के जरिए लेना पड़ता है। मछली, अखरोट, अलसी के बीज, चिया सीड्स और कुछ वनस्पति तेल इसके अच्छे स्रोत माने जाते हैं।

ज्यादातर लोगों को लगता है कि ओमेगा-3 केवल दिल और दिमाग के लिए ही जरूरी है, जबकि ये पूरे शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण माना जाता है। क्या आपकी डाइट में ओमेगा-3 वाली चीजें हैं?
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ओमेगा-3 सेहत के लिए जरूरी - फोटो : Freepik.com
अध्ययन बताते हैं कि ओमेगा-3 दिल की धड़कन को सामान्य रखने, खराब फैट को कम करने और मस्तिष्क की कोशिकाओं के बेहतर कामकाज में मदद करता है। 

इसके अलावा शरीर में सूजन कम करने, आंखों की सेहत ठीक रखने, जोड़ों को आराम पहुंचाने और शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए भी ये जरूरी पोषक तत्व है।

आइए जान लेते हैं कि चमत्कारी माने जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड का शरीर पर क्या असर होता है?


शरीर में कम करता है इंफ्लेमेशन
 
  • ओमेगा-3 शरीर में होने वाली लंबे समय की सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। लगातार बनी रहने वाली इंफ्लेमेशन की स्थिति कई क्रॉनिक बीमारियों जैसे हृदय रोग, डायबिटीज और जोड़ों की समस्याओं को बढ़ाने वाली हो सकती है। ओमेगा-3 ऐसे रसायनों के प्रभाव को कम करने में मदद करता है जो सूजन बढ़ाते हैं। इससे शरीर की कोशिकाएं बेहतर तरीके से काम कर पाती हैं।
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घुटने की समस्या - फोटो : Adobe Stock
जोड़ों और त्वचा के लिए इसके लाभ

जोड़ों में दर्द और अकड़न से परेशान लोगों में ओमेगा-3 सूजन कम करने के कारण कुछ राहत पहुंचा सकता है। जिन लोगों को लंबे समय से जोड़ों की सूजन की समस्या है, उनमें संतुलित आहार के साथ इसका सेवन सहायक हो सकता है।
 
  • इसी तरह ओमेगा-3 त्वचा की नमी बनाए रखने और उसकी सुरक्षा करने वाली प्राकृतिक परत को मजबूत रखने में मदद करता है। इससे त्वचा का रूखापन कम होता है और त्वचा अधिक स्वस्थ दिखाई दे सकती है।
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आंखों की समस्याएं - फोटो : Freepik.com
आंखों रहती हैं सेहतमंद
 
  • ओमेगा-3 आंखों की कोशिकाओं के सामान्य कामकाज में मदद करता है। कुछ शोध बताते हैं कि पर्याप्त मात्रा में ओमेगा-3 लेने से आंखों में सूखापन कम करने और उम्र बढ़ने के साथ होने वाली दिक्कतों को कम करने में सहायता मिल सकती है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने वाले लोगों के लिए भी संतुलित पोषण के हिस्से के रूप में यह उपयोगी माना जाता है।


गर्भावस्था में भी जरूरी है ओमेगा-3
 
  • गर्भावस्था के दौरान ओमेगा-3 वाली चीजें शिशु के मस्तिष्क और आंखों के सामान्य विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हालांकि गर्भवती महिलाओं को कोई भी सप्लीमेंट डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए। भोजन के माध्यम से पर्याप्त पोषण लेना सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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