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विशेषज्ञ से जानिए कोरोना मरीज को कब लगती है रेमडेसिविर इंजेक्शन की जरूरत

Sun, 11 Apr 2021 08:51 AM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना के हर मरीज को इस इंजेक्शन की आवश्यकता नहीं लगती है - फोटो : Social Media

Medically reviewed by Dr. Deepak Mahavar
डॉ दीपक माहवर, श्वास रोग विशेषज्ञ
सेंटर पॉइंट हॉस्पिटल, नागपुर
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एम.डी, डी.एन.बी
अनुभव- 10 वर्ष

कोरोना की बढ़ती रफ्तार के साथ ही पूरे देश में रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत का हाहाकार भी जारी है। इस इंजेक्शन को लेकर कई शहरों में कालाबाजारी भी चल रही है। कोरोना मरीजों के परिजन अधिक से अधिक दाम चुकाकर भी बस रेमडेसिविर इंजेक्शन को लाने की पूरी कोशिश में लगे हैं। सामान्य लोगों में इस इंजेक्शन को लेकर खौफ भी बैठ गया है लेकिन कोरोना के हर मरीज को इस इंजेक्शन की आवश्यकता नहीं लगती है। अगली स्लाइड्स से जानिए कोरोना मरीज को कब लगाया जाता है रेमडेसिविर इंजेक्शन।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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ऑक्सीजन लेवल सामान्य से 92 प्रतिशत कम हो तब इंजेक्शन दिया जाता है - फोटो : pixabay

जब ऑक्सीजन लेवल कम हो
सामान्य लक्षणों वाले मरीजों को रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं लगाना होता है वे घर पर ही आइसोलेशन और सही देखरेख से ठीक हो सकते हैं लेकिन वे मरीज जिनमें गंभीर लक्षणों के साथ ऑक्सीजन लेवल की कमी पाई जाती है, उन्हें यह इंजेक्शन देना जरूरी हो जाता है। ऑक्सीजन लेवल जब सामान्य से 92 प्रतिशत कम हो तब इंजेक्शन दिया जाता है। 

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सामान्य बुखार में इंजेक्शन की जरूरत नहीं पड़ती है - फोटो : Pixabay

तेज बुखार उतरने का नाम न ले
बुखार कोरोना का मुख्य लक्षण है लेकिन यदि बुखार 100 डिग्री से अधिक हो और दो दिन तक तापमान कम होने का नाम कम न ले, तब रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाना आवश्यक हो जाता है। सामान्य बुखार में इंजेक्शन की जरूरत नहीं पड़ती है, मरीज को दवा खाने से लाभ होने लगता है। 

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फेफड़ों पर बुरी तरह से हमला करता है - फोटो : सोशल मीडिया

फेफड़ों में संक्रमण बढ़ जाए
कोरोना वायरस फेफड़ों पर बुरी तरह से हमला करता है। ऐसे में जिन लोगों को पहले से फेफड़ों की कोई समस्या होती है, उनपर तो यह बहुत प्रभावशाली साबित होता है। सीटी स्कैन कराने पर फेफड़ों में 25 प्रतिशत से अधिक संक्रमण नजर आता है तो चिकित्सक रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाते हैं। 

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गंभीर मामलों में ही इस इंजेक्शन का प्रयोग किया जाता है - फोटो : Pixabay

वायरस को बढ़ने से रोकता है रेमडेसिविर
कोरोना वायरस शरीर पर आक्रमण करते ही बढ़ने लगता है, वायरस बहुत तेजी से शरीर पर नकारात्मक प्रभाव दिखाता है जिससे कि लक्षण खतरनाक होने लगते हैं, फेफड़े खराब हो जाते हैं। रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाने से वायरस का शरीर में बढ़ना रूक जाता है। गंभीर मामलों में ही इस इंजेक्शन का प्रयोग किया जाता है। 

अस्वीकरण- अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

नोट- यह लेख सेंटर पॉइंट हॉस्पिटल के डॉक्टर दीपक माहवर से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। डॉक्टर दीपक महावर पिछले 10 सालों से प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने अपनी डिग्री एम.बी.बी.एस गवर्नमेंट कॉलेज एंड हॉस्पिटल, नागपुर से ली है।

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