स्लीप एप्निया के कारण खर्राटे लेना
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खर्राटे किसी गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हल्के खर्राटे आना सामान्य माना जाता है, लेकिन लगातार और तेज खर्राटे कई बार गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकते हैं।
- ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया इसका सबसे बड़ा खतरा है जिसमें नींद के दौरान सांस बार-बार रुकती है। अगर खर्राटों के साथ सांस रुकने, घुटन महसूस होने या अचानक नींद टूटने जैसे लक्षण हों, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए और डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
- साइनस में लंबे समय तक सूजन या सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियों से टिश्यू में सूजन आ जाती है और बहुत ज्यादा बलगम बनता है, जिससे नाक का रास्ता बंद हो जाता है।
- एलर्जिक राइनाइटिस पर्यावरण से जुड़ी एलर्जी की स्थिति है जिसमें नाक की अंदरूनी परत में सूजन आ जाती हैं। इससे आपको मुंह से सांस लेनी पड़ती है और खर्राटे आने की आशंका बढ़ जाती है। नेजल पॉलिप्स की समस्या नाक के रास्ते या साइनस के अंदर नॉन-कैंसरस गांठें बना देती है। ये सांस लेने के रास्ते को रोकती हैं इससे भी खर्राटे बढ़ जाते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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