प्रतीकात्मक तस्वीर
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विशेषज्ञ कहते हैं कि प्लेसिबो को अगर आम भाषा में समझें तो यह एक ऐसी चिकित्सा पद्धति है, जिसमें दवा का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, बल्कि भ्रम पैदा करके या अहसास के आधार पर मरीज का इलाज किया जाता है। यानी किसी मरीज को दवा की तरह दिखने वाली गोली या 'नकली' इंजेक्शन दिया जाता है, लेकिन असल में वह दवा नहीं होती है।