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Hypersomnia: क्या आपको भी बहुत ज्यादा नींद आती रहती है? कहीं ये किसी गंभीर समस्या का संकेत तो नहीं

Mon, 22 Jul 2024 07:04 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बहुत ज्यादा नींद आने का कारण - फोटो : istock
अच्छी सेहत के लिए पौष्टिक आहार और नियमित व्यायाम जितना ही अच्छी नींद भी जरूरी है। मानसिक और शारीरिक दोनों सेहत को ठीक रखने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को रोजाना रात में कम से कम 6-9 घंटे की अच्छी नींद जरूर लेने की सलाह देते हैं। अच्छी नींद को बेहतर स्वास्थ्य का संकेत भी माना जाता है।

पर कहीं आपको बहुत ज्यादा या अक्सर नींद-सुस्ती जैसी समस्या तो नहीं बनी रहती है? कहीं आपको दिन के समय भी तो अक्सर नींद नहीं आती रहती है? सोकर उठने के बाद फिर से सोने का मन करता है?

ज्यादा नींद आने के कई कारण हो सकते हैं। शिफ्टवर्क (नाइट शिफ्ट), रात में पढ़ने या कोई अधिक मेहनत वाला काम करने से आपको इस तरह की दिक्कत कभी-कभी हो सकती है। पर अक्सर बनी रहने वाली ऐसी समस्या को चिंता का विषय माना जा सकता है। 
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बार-बार सोने का मन होना - फोटो : istock
अत्यधिक नींद आते रहने की समस्या

अत्यधिक नींद आने को हाइपरसोमनिया के नाम से जाना जाता है। पर्यावरणीय और दिनचर्या जैसे कारकों के अलावा अवसाद, नींद संबंधी विकार, दवाओं के दुष्प्रभाव, थायरॉयड विकार और कुछ प्रकार की गंभीर अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्याओं के कारण भी बहुत अधिक नींद आने लगती है।

आमतौर पर, सामान्य से ज्यादा घंटे सोने और दिन के समय नींद आते रहने को हाइपरसोमनिया की समस्या माना जाता है। इसमें आपको थकान महसूस हो सकती है, या ऐसा लग सकता है जैसे आपकी आंखें थकी हुई हैं और उन्हें बार-बार बंद करने की जरूरत है।

वैसे तो अधिक नींद आने को ज्यादा गंभीर नहीं माना जाता है हालांकि कुछ कारणों पर ध्यान देना जरूरी है जो इसकी वजह हो सकती हैं।
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दवाओं के साइड-इफेक्ट - फोटो : istock
कहीं ये दवाओं का साइड-इफेक्ट तो नहीं?

अत्यधिक नींद आने की समस्या कुछ प्रकार के दवाओं के साइड-इफेक्ट के कारण हो सकती है। विशेषतौर पर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज करा रहे लोगों में ये दिक्कत अधिक देखी जाती रही है। मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि ब्लड प्रेशर, अवसाद, नाक बंद होने (एंटीहिस्टामाइन), मिर्गी आदि का इलाज करा रहे लोगों को दवाओं के कारण अधिक नींद आने की दिक्कत बनी रह सकती है। 

अगर आपको लगता है कि प्रिस्क्रिप्शन दवाओं के कारण आपको ज्यादा नींद आ रही है तो डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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न्यूरोलॉजिकल समस्या - फोटो : istock
न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के कारण भी हो सकती है ये दिक्कत

कुछ प्रकार के न्यूरोलॉजिकल विकार जैसे नार्कोलेप्सी के शिकार लोगों को भी अक्सर या बहुत ज्यादा नींद आते रहने की दिक्कत हो सकती है। नार्कोलेप्सी की स्थिति मस्तिष्क की उस क्षमता को प्रभावित कर देती है जो सोने-जागने के चक्र को नियंत्रित करती है। रात के समय ऐसे रोगियों को अक्सर नींद टूटने (अनिद्रा के समान) की दिक्कत होती है। वहीं दिन में काम के समय अत्यधिक नींद आने का जोखिम बना रहता है।

नार्कोलेप्सी से पीड़ित लोग बातचीत के बीच में या भोजन करते-करते भी सो सकते हैं।
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मानसिक स्वास्थ्य विकार - फोटो : istock
मानसिक स्वास्थ्य विकार

स्ट्रेस-एंग्जाइटी हो या अवसाद जैसी मानसिक स्वास्थ्य की समस्या, इसके शिकार लोगों को भी अक्सर नींद आते रहने की दिक्कत हो सकती है। अवसाद जैसी स्थितियां शरीर की ऊर्जा को कम कर देती हैं, जिससे अक्सर सुस्ती बनी रहती है और आपको नींद आती रह सकती है। अवसाद के रोगी अक्सर रात में ठीक से नहीं सो पाते हैं, तो उन्हें दिन में अत्यधिक नींद आती रहती है। मानसिक स्वास्थ्य विकारों का इलाज करा रहे लोगों को दवाओं के कारण भी बहुत ज्यादा नींद आती रहती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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