फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Stress Hormone: क्या होता है कॉर्टिसोल हार्मोन, कैसे काम करता है? यहां जानिए सबकुछ विस्तार से

Thu, 24 Apr 2025 09:39 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कॉर्टिसोल एक स्टेरॉयड हार्मोन है जिसे आपकी एड्रेनल ग्रंथियां बनाती हैं। मुख्यरूप से इसे स्ट्रेस हार्मोन के तौर पर जाना जाता है जो तनाव की स्थिति में आपके शरीर की प्रतिक्रिया को नियंत्रित करने में मदद करता है।
विज्ञापन
1 of 5
स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल बढ़ने के कारण - फोटो : Adobe stock photos
शरीर को ठीक तरीके से काम करते रहने के लिए 'संतुलन' की विशेष भूमिका होती है। संतुलन आहार का हो या हार्मोन्स का, दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। हार्मोन्स हमारे शरीर के कैमिकल होते हैं जो मैसेंजर (संदेशवाहक) की तरह से काम करते हैं। शारीरिक वृद्धि और विकास, मेटाबॉलिज्म, पाचन, बीमारियों से कैसे लड़ना है, आपको खुश रखना है या दुखी, इन सबमें हार्मोन्स की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कोर्टिसोल ऐसा ही एक हार्मोन है जिसके बारे में हम इस लेख में बात करेंगे।

कॉर्टिसोल एक स्टेरॉयड हार्मोन है जिसे आपकी एड्रेनल ग्रंथियां बनाती हैं। मुख्यरूप से इसे स्ट्रेस हार्मोन के तौर पर जाना जाता है जो तनाव की स्थिति में आपके शरीर की प्रतिक्रिया को नियंत्रित करने में मदद करता है।

कॉर्टिसोल के कार्य बस यहीं तक सीमित नहीं हैं, इसकी हमारे शरीर में और भी कई प्रकार की भूमिकाएं होती हैं।
विज्ञापन

2 of 5
कोर्टिसोल के कारण होने वाली समस्याएं - फोटो : freepik
स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कॉर्टिसोल को भले ही सिर्फ स्ट्रेस हार्मोन के रूप में जाना जाता है, पर यह एक आवश्यक हार्मोन है जो आपके शरीर के लगभग हर अंग और ऊतक को प्रभावित करता है। 

शरीर ऊर्जा के लिए ग्लूकोज (चीनी) का उपयोग कैसे करता है, सूजन और रक्तचाप को नियंत्रित करने, आपके सोने-जागने के चक्र को नियंत्रित करने में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जिन लोगों के शरीर में कॉर्टिसोल की अधिकता होती है उनमें समय के साथ कई प्रकार की बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। 
विज्ञापन

3 of 5
तनाव की स्थिति में कोर्टिसोल बढ़ने की स्थिति - फोटो : Freepik.com
कोर्टिसोल कैसे काम करता है?

कोर्टिसोल आपके शरीर की तनाव प्रतिक्रिया को प्रबंधित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अगर आप थोड़े समय के लिए भी तनाव ग्रस्त हैं तो भी शरीर में कोर्टिसोल का स्तर बढ़ सकता है। स्ट्रेस के समय, आपका शरीर कोर्टिसोल रिलीज करता है ताकि आप हाई अलर्ट पर रहें। 

एमिग्डाला, मस्तिष्क का वह हिस्सा है जो भय और भावनात्मक उत्तेजनाओं जैसी भावनाओं को नियंत्रित करता है। तनावपूर्ण स्थिति के दौरान ये ब्रेन के एक हिस्से हाइपोथैलेमस को तनाव का संकेत भेजता है। बदले में, हाइपोथैलेमस पिट्यूटरी-एड्रेनल ग्रंथि को कोर्टिसोल का उत्पादन करने का संकेत देता है।

4 of 5
ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : Freepik.com
कोर्टिसोल बढ़ने पर क्या दिक्कतें होती हैं?

कोर्टिसोल का सामान्य स्तर तो ठीक है लेकिन जब इसका स्तर बहुत बढ़ जाता है तो इससे कई प्रकार की दिक्कतें हो सकती हैं।

उच्च कोर्टिसोल के कारण वजन बढ़ने, रक्तचाप और डायबिटीज, पेट पर चौड़े-बैंगनी रंग के निशान और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा रहता है। बढ़े हुए हार्मोन के स्तर के कारण लिवर और मांसपेशियों सहित कई अन्य हिस्सों पर असर हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
कोर्टिसोल को कैसे कंट्रोल करें? - फोटो : Adobe stock
कोर्टिसोल के स्तर को कैसे कम करें?

अगर आपका कोर्टिसोल लेवल अक्सर बढ़ा हुआ रहता है तो इस बारे में डॉक्टर की सलाह लें। दिनचर्या में कुछ प्रकार के बदलाव करके कोर्टिसोल को नियंत्रित किया जा सकता है।
  • अनिद्रा या रात की शिफ्ट में काम करने वालों में कोर्टिसोल के स्तर बढ़ सकता है। इसलिए रात में अच्छी नींद लें।
  • नियमित शारीरिक गतिविधि से नींद की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और तनाव को कम करने में मदद मिलती है।
  • सांस लेने वाले अभ्यास, मेडिटेशन की मदद से कोर्टिसोल के स्तर को कम करने में मदद मिल सकती है।
  • हंसने और खुश रहते से एंडोर्फिन हार्मोन का स्राव बढ़ता है और कोर्टिसोल कम होता है। इसलिए मजेदार गतिविधियों में हिस्सा लें।


--------------
नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें