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Sleep Problem: नींद न आने की समस्या बढ़ा सकती है कई बीमारियों का खतरा, अच्छी नींद पाने के लिए क्या करें?

Wed, 06 Nov 2024 10:10 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नींद न आने की समस्या - फोटो : Freepik.com
शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए अच्छी नींद लेना बहुत आवश्यक माना जाता है। ये मानसिक और शारीरिक दोनों प्रकार की सेहत को ठीक रखने के लिए जरूरी है। डॉक्टर बताते हैं, जिन लोगों की नींद पूरी नहीं होती है उन्हें कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा रहता है।  

नींद न आने की समस्या के कई कारण हो सकते हैं। मानसिक तनाव या चिंताएं अक्सर दिमाग को इतना सक्रिय कर देती हैं कि व्यक्ति आराम से सो नहीं पाता। इसके अलावा चाय, कॉफी, सिगरेट और अन्य कैफीनयुक्त पदार्थों का सेवन करने वालों को भी नींद विकारों की दिक्कत हो सकती है। अध्ययनों से पता चलता है कि कुछ प्रकार की क्रोनिक बीमारियों जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप, दिल की बीमारियां और मानसिक रोग के शिकार लोगों की भी नींद अक्सर बाधित रहती है। 
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नींद की समस्या - फोटो : Freepik.com
नींद की समस्याओं के कारण

नींद न की समस्या (अनिद्रा) एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति को सोने में कठिनाई होती है या रात में अक्सर उसकी नींद टूट जाती है। नींद की कमी का असर दीर्घकालिक रूप से कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ाने वाली हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, नींद की बढ़ती समस्याओं के लिए मोबाइल या कंप्यूटर जैसे स्क्रीन्स का अधिक इस्तेमाल भी माना जा सकता है। इन उपकरणों से निकलने वाली ब्लू लाइट नींद के लिए आवश्यक मेलाटोनिन हार्मोन के उत्पादन को रोकती है। नींद में सुधार के लिए कुछ उपाय मददगार हो सकते हैं।
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सोने का समय - फोटो : Freepik.com
एक ही समय पर रोज सोने की बनाएं आदत

हर दिन एक ही समय पर सोने और जागने की आदत डालें। इससे शरीर का बायोलॉजिकल क्लॉक नियमित होता है, जिससे नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है। इसके अलावा कमरे को नींद के अनुकूल बनाएं। कमरा शांत, अंधेरा वाला और ठंडा होना चाहिए। अनुकूल माहौल में अच्छी नींद मिलती है।

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मोबाइल फोन से बनाएं दूरी - फोटो : Adobe Stock
स्क्रीन से बनाएं दूरी

सोने से 1-2 घंटे पहले स्मार्टफोन, कंप्यूटर, या टेलीविजन का इस्तेमाल न करें। इन उपकरणों की ब्लू लाइट मेलाटोनिन हार्मोन के स्तर को प्रभावित करती है, जिससे नींद आने में परेशानी होती है। मेलाटोनिन एक प्राकृतिक हार्मोन है जो नींद को नियंत्रित करता है। अनिद्रा के शिकार लोग डॉक्टर से सलाह लेकर इसका सप्लीमेंट ले सकते हैं। अगर नींद की समस्या किसी मानसिक विकार जैसे अवसाद या एंग्जायटी के कारण है, तो इसके लिए मनोचिकित्सक से सलाह लें। 
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व्यायाम की बनाएं आदत - फोटो : Freepik.com
नियमित व्यायाम जरूरी

नियमित शारीरिक व्यायाम नींद की गुणवत्ता में सुधार करने में सहायक है। व्यायाम करने से शरीर को थकावट महसूस होती है, जिससे सोने में आसानी होती है। ध्यान रहे कि सोने से पहले व्यायाम न करें, क्योंकि यह शारीरिक उत्तेजना बढ़ा सकता है। ध्यान, गहरी सांस लेने की तकनीक और मांसपेशियों को आराम देने वाली एक्सरसाइज सोने से पहले करने से तनाव कम होता है और नींद में सुधार होता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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