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सेहत की बात: इन वजहों से बढ़ सकती है कूल्हों में दर्द की समस्या, जानिए कैसे पाएं इससे राहत?

Tue, 01 Feb 2022 06:38 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कूल्हों में दर्द की समस्या - फोटो : iStock
कूल्हों में दर्द कई वजहों से हो सकता है, इसमें सबसे आम है कूल्हे के जोड़ों का घिसना या वक्त के साथ उनमें होने वाली फ्रैक्चर की समस्या। आर्थराइटिस या हड्डियों संबंधी अन्य तकलीफों के अलावा लम्बे समय तक एक ही जगह बैठे रहने वाली जीवनशैली, उम्र, बढ़ा हुआ वजन, गलत पोश्चर, टेंडन्स या मांसपेशियों में टूट-फूट, कुछ गंभीर बीमारियों आदि के कारण भी लोगों को इस तरह की दिक्कत हो सकती है।इस दर्द की वजह से आपका चलना-फिरना, उठना-बैठना मुश्किल हो सकता है।  

अन्य तकलीफों की ही तरह यदि इस दर्द को भी शुरुआत से ही ध्यान देकर ठीक करने की कोशिश की जाए तो इससे राहत मिल सकती है। इसके लिए कुछ उपाय फायदेमंद हो सकते हैं। जरूरत होती है इन्हें निरंतर और नियमित रूप से अपनाने की। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं। 
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कूल्हों में दर्द से कैसे पाएं आराम - फोटो : iStock
कूल्हों के दर्द को कम करने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

शरीर के बाकी हिस्सों की ही तरह कूल्हों को भी आराम देने की जरूरत होती है हालांकि यह आराम बैठकर या गलत तरीके से लेटकर नहीं दिया जाता। दर्द के दौरान कूल्हों के जोड़ या मांसपेशियों पर पड़ने वाला दबाव स्थिति को और बिगाड़ सकता है। इसलिए दर्द के दौरान कभी भी व्यायाम या भारी एक्सरसाइज करने की गलती न करें। साथ ही यदि आप तकलीफ से गुजर रहे हैं तो भारी एक्सरसाइज जैसे रनिंग, किकबॉक्सिंग, रस्सी कूदने आदि से कुछ समय दूरी रखें।
वॉकिंग, स्वीमिंग और वॉटर वर्कआउट, योग आदि जैसी एक्सरसाइज किए जा सकते हैं। 

यह भी एक तथ्य है कि अगर  शुरू से व्यायाम को नियमित रखा जाए तो मांसपेशियों को लचीला बनाए रखने और जोड़ों को अकड़न से बचाने में मदद मिल सकती है।
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योगासनों से मिलता है लाभ - फोटो : Pixabay
कूल्हों के दर्द से ऐसे पा सकते हैं राहत

आपके कूल्हे खासतौर पर हर उस चीज के वजन को खुद पर महसूस करते हैं जो आप उठाकर या पीठ पर लादकर चल रहे हैं। शरीर का वजन संतुलित रखें क्योंकि आपके शरीर पर मौजूद हर अतिरिक्त 7-8 किलो वजन कूल्हों और घुटनों पर दबाव डाल सकता है। चाहे शरीर के किसी भी जोड़ों की समस्या हो, हमेशा स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है। इससे मांसपेशियां और टेंडन्स धीरे-धीरे खुलते हैं और अकड़न दूर होती है। एक्सराइज के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ की सलाह ले सकते हैं। 

दर्द की समस्या होने पर खुद से दर्दनिवारक दवा लेने से बचें। दर्द निवारक दवाएं कुछ समय के लिए दर्द से राहत दे सकती हैं पर समस्या को ठीक नहीं करतीं। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दर्दनिवारक लेने से बचें। 
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मसाज थेरपी से मिलता है लाभ - फोटो : Pixabay
यह चीजें हो सकती हैं मददगार

सेकाई से होता है फायदा
दर्द में राहत के लिए ठंडा और गरम सेकाई करना बहुत कारगर साबित हो सकता है। इसके लिए सबसे पहले गरम पानी या हॉट वॉटर बैग से सेकाई करें, फिर बर्फ के पानी या आइस पैक से सेकाई करें। आप चाहें तो एक ठंडी बॉटल को नैपकिन या टॉवल में लपेटकर भी सीधा कूल्हों पर, जहां दर्द हो रख सकते हैं और इसके बाद गरम पानी से नहा सकते हैं। 

सही जूतों का इस्तेमाल
ज्यादा हील वाले फुटवेयर भी कई बार कूल्हों के दर्द का कारण बन सकते हैं। ऊंची एड़ी के जूते आपके पैरों को गलत एंगल पर रखते हैं जिससे दबाव कूल्हों तक पहुंचता है और लम्बे समय में यह कूल्हों के दर्द का कारण बन सकता है। इसलिए हमेशा सही नाप वाले, आरामदायक जूते पहनें। 

इन उपायों के अलावा कई बार सामान्य मालिश, एक्यूपंक्चर जैसी अलटरनेटिव थैरेपीज भी मददगार हो सकती हैं। लेकिन इनको प्रशिक्षण प्राप्त व्यक्ति से ही करवाएं। वहीं आपके बैठने की कुर्सी, झुककर बैठने का तरीका, देर तक खड़े रहने वाली एक्टिविटीज, सोने का गलत तरीका आदि भी कूल्हों के दर्द की वजह बन सकता है। इन चीजों में बदलाव करके भी राहत पाई जा सकती है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। अमर उजाला इस दावे की पुष्टि नहीं करता है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।



 
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