मसाज थेरपी से मिलता है लाभ
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यह चीजें हो सकती हैं मददगार
सेकाई से होता है फायदा
दर्द में राहत के लिए ठंडा और गरम सेकाई करना बहुत कारगर साबित हो सकता है। इसके लिए सबसे पहले गरम पानी या हॉट वॉटर बैग से सेकाई करें, फिर बर्फ के पानी या आइस पैक से सेकाई करें। आप चाहें तो एक ठंडी बॉटल को नैपकिन या टॉवल में लपेटकर भी सीधा कूल्हों पर, जहां दर्द हो रख सकते हैं और इसके बाद गरम पानी से नहा सकते हैं।
सही जूतों का इस्तेमाल
ज्यादा हील वाले फुटवेयर भी कई बार कूल्हों के दर्द का कारण बन सकते हैं। ऊंची एड़ी के जूते आपके पैरों को गलत एंगल पर रखते हैं जिससे दबाव कूल्हों तक पहुंचता है और लम्बे समय में यह कूल्हों के दर्द का कारण बन सकता है। इसलिए हमेशा सही नाप वाले, आरामदायक जूते पहनें।
इन उपायों के अलावा कई बार सामान्य मालिश, एक्यूपंक्चर जैसी अलटरनेटिव थैरेपीज भी मददगार हो सकती हैं। लेकिन इनको प्रशिक्षण प्राप्त व्यक्ति से ही करवाएं। वहीं आपके बैठने की कुर्सी, झुककर बैठने का तरीका, देर तक खड़े रहने वाली एक्टिविटीज, सोने का गलत तरीका आदि भी कूल्हों के दर्द की वजह बन सकता है। इन चीजों में बदलाव करके भी राहत पाई जा सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। अमर उजाला इस दावे की पुष्टि नहीं करता है।
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