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Alert: हर छोटी-छोटी दिक्कत और थोड़े से बुखार में लेते हैं पैरासिटामोल तो हो जाएं अलर्ट, जरूर पढ़ें ये खबर

Tue, 07 Nov 2023 03:06 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पैरासिटामोल के दुष्प्रभाव - फोटो : iStock
हल्के बुखार-जुकाम और दर्द में हम में से ज्यादातर लोग बिना किसी डॉक्टरी सलाह के ओवर द काउंटर मेडिसिन ले लेते हैं। इसमें सबसे ज्यादा प्रयोग में लाई जाने वाली दवा है- पैरासिटामोल।


डॉक्टर्स कहते हैं- 

हर छोटी-छोटी समस्या में बिना डॉक्टरी सलाह के पैरासिटामोल लेना भी सेहत पर दुष्प्रभाव डालता है। पैरासिटामोल वैसे तो नुकसानदायक नहीं है लेकिन कुछ स्थितियों में इसकी अधिकता के कारण किडनी-लिवर सहित कई प्रकार की समस्याओं का जोखिम हो सकता है। 

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि वैश्विक स्तर पर पैरासिटामोल ओवरडोज में ली जाने वाली सबसे आम दवा है। इसकी अधिक मात्रा लिवर के लिए गंभीर समस्याकारक हो सकती है। अक्सर देखा गया है कि कुछ मामलों में इसके कारण लिवर फेलियर जैसी दिक्कतें भी देखी गई हैं। साल 2021 में, पैरासिटामोल ओवरडोज के कारण इंग्लैंड और वेल्स में 227 मौतें दर्ज की गईं।
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पैरासिटामोल की अधिकता - फोटो : istock

ज्यादा मात्रा में न लें पैरासिटीमोल


अमर उजाला से बातचीत में इंटरनल मेडिसिन के एक्सपर्ट डॉ इमरान आलम कहते हैं- 

सामान्य स्तर पर बुखार और सिरदर्द की स्थिति में ज्यादातर लोगों के लिए 24 घंटे में 2000mg की डोज को सुरक्षित माना जाता है। हालांकि कई बार इसे लिक्विड रूप में लेते समय डोज का ध्यान नहीं रखा जा पाता है। अगर आप नियमित अंतराल पर पैरासिटामोल ले रहे हैं, तो इसको लेकर अलर्ट रहने की आवश्यकता है। 

कुछ लोग दर्द के लिए कई दिनों तक पैरासिटामोल की अनुशंसित खुराक से अधिक लेते रहते हैं। ये उन्हें नुकसान पहुंचाने वाली स्थिति हो सकती है। 
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दवाओं के दुष्प्रभाव - फोटो : Istock

पैरासिटामोल ओवरडोज के कारण होने वाली समस्याएं-

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं-

दवा के ओवरडोज की स्थिति में लक्षण नजर आना जरूरी नहीं है, हालांकि कुछ लोगों को मतली और उल्टी का एहसास हो सकता है। दाहिनी ओर पसलियों के नीचे (जहां लीवर होता है) दर्द की समस्या भी देखी जा सकती है। गंभीर स्थिति में जटिलताओं के बढ़ने का भी खतरा रहता है। 
  • मानसिक भ्रम और भटकाव (जिसे एन्सेफैलोपैथी कहा जाता है) की समस्या होना।
  • पेशाब में कमी के कारण किडनी भी प्रभावित हो सकती है।
  • लो ब्लड शुगर लेवल (हाइपोग्लाइकेमिया) की समस्या का खतरा।
  • रक्त में एसिड का निर्माण हो सकता है, जिसके कारण तेजी से सांस लेने की समस्या हो सकती है।
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दवा के दुष्प्रभाव (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI

दवा के ओवरडोज में क्या किया जाना चाहिए?


यदि आपमें पैरासिटामोल दवा के ओवरडोज का निदान किया गया है तो इसमें शीघ्र उपचार की आवश्यकता हो सकती है। यदि रोगी अस्थिर है जैसे लो ब्लड प्रेशर या लिवर की समस्याओं वाले लोगों को आईसीयू में भर्ती करने की आवश्यकता हो सकती है। रोगी की स्थिति के आधार पर उसे विशेष चिकित्सा की भी आवश्यकता हो सकती है।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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