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बड़ी कामयाबी: हृदय रोगों के खतरे को भी कम कर सकती है वजन घटाने वाली यह दवा, अध्ययन में दावा

Sun, 08 Aug 2021 02:26 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हृदय रोगों को ठीक करने वाली दवा (सांकेतिक) - फोटो : social media
दुनियाभर में पिछले एक दशक में हृदय रोगों के मामले काफी तेजी से बढ़े हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओं) के आंकड़ों के मुताबिक हृदय रोग (सीवीडी) विश्व स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक हैं। साल 2019 में सीवीडी से अनुमानित 17.9 मिलियन (1.79 करोड़़) लोगों की मृत्यु हुई, जो कुल मौतों का 32 फीसदी है। इनमें से 85 फीसदी मौतें हार्ट अटैक और स्ट्रोक के कारण हुईं। हृदय रोगों के उपचार के लिए किए जा रहे एक शोध में वैज्ञानिकों को बड़ी कामयाबी मिली है। अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया है कि सामान्य तौर पर वजन घटाने के लिए दी जाने वाली एक दवा हृदय रोग के खतरे को कम करने में फायदेमंद साबित हो सकती है।
वैज्ञानिकों को अध्ययन के दौरान लिराग्लुटाईड नामक दवा के फायदों के बारे में पता चला है।
अब तक वजन कम करने के लिए दी जाने वाली यह दवा शरीर के उन फैट को भी कम कर देती है जो हृदय रोगों के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
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हृदय रोग के खतरे को कम कर सकती है लिराग्लुटाईड दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI
लिराग्लुटाईड दवा के फायदे सामने आए
'द लैंसेट डायबिटीज एंड एंडोक्रिनोलॉजी' जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया है कि लिराग्लुटाईड नामक दवा, जो अब तक वजन को कम करने के लिए दी जा रही थी, उसके हृदय रोगों में भी फायदेमंद साबित होने के साक्ष्य मिले हैं। यह दवा आसानी से उन फैट को लक्षित करती है, जो हृदय के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। अधिक वजन वाले हृदय रोगियों पर किए गए इस अध्ययन में इसे दवा के फायदों के बारे में पता चला है।
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हृदय के लिए नुकसानदायक फैट को कम कर सकती है दवा - फोटो : Social media
हृदय रोगों का कारण बनने वाली फैट को करती है लक्षित
वैज्ञानिकों ने बताया, अध्ययन में सामने आया है कि लिराग्लुटाईड, विसरल फैट और एक्टोपिक फैट दोनों को आसानी से लक्षित कर सकती है। यह दोनों फैट हृदय रोगों के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। विसरल फैट, सामान्यतौर पर महत्वपूर्ण आंतरिक अंगों, जैसे कि लिवर, अग्न्याशय और आंतों के आसपास जमा होता है जबकि एक्टोपिक फैट लिवर, कंकाल की मांसपेशी, हृदय और अग्न्याशय के ऊतकों में जमा हो जाती है। कार्डियोलॉजी के सहायक प्रोफेसर और अध्ययन के वरिष्ठ लेखक पराग जोशी बताते हैं, अध्ययन में हमें हृदय रोगों में लिराग्लुटाईड दवा के फायदों के बारे में पता चला है।

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अध्ययन में दिखे दवा के फायदे (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Social media
अध्ययन में सामने आए अच्छे परिणाम
इस अध्ययन में शामिल 185 प्रतिभागियों को 40 सप्ताह के उपचार में रोजाना लिराग्लुटाईड का एक इंजेक्शन दिया गया। परिणामस्वरूप पता चला कि यह दवा इन दोनों प्रकार के फैट को कम करने में काफी मददगार हो सकती है। इतना ही नहीं यह दवा फास्टिंग शुगर और सूजन के स्तर को कम करने में भी कारगर पाई गई है। डॉ जोशी कहते हैं, अध्ययन का निष्कर्ष कार्डियोवैस्कुलर समस्याओं में लिराग्लूटाइड के लाभ का साबित करता है। यह उन लोगों में भी फायदेमंद पाई गई है जिनको पहले से मधुमेह की शिकायत नहीं है।
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मोटापा, हृदय रोग के लिए बड़ा खतरा - फोटो : Pixabay
हृदय रोगों का प्रमुख कारण है मोटापा
शोधकर्ताओं के अनुसार, हर चार में से एक वयस्क जबकि हर पांच में से एक युवा में मोटापे या अधिक वजन की समस्या देखी जा रही है। यह समस्या हृदय रोग और इसके कारण होने वाली मृत्यु के खतरे को बढ़ा देती है। डॉ जोशी कहते हैं विसरल फैट और एक्टोपिक फैट की बढ़ी हुई मात्रा टाइप-2 डायबिटीज और हृदय रोग के जोखिमों को बढ़ा देती है। आहार और जीवनशैली में बदलाव के साथ उपचार के माध्यम से इसके खतरे को कम किया जा सकता है।


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स्रोत और संदर्भ: 
Effects of liraglutide on visceral and ectopic fat in adults with overweight and obesity at high cardiovascular risk: a randomised, double-blind, placebo-controlled, clinical trial

अस्वीकरण नोट: यह लेख 'द लैंसेट डायबिटीज एंड एंडोक्रिनोलॉजी' जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। संबंधित विषय के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से सलाह लें। 
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