कोरोना से बचाव करें
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कोरोना और इसका जोखिम
वैज्ञानिक कहते हैं, अपशिष्ट जल भी कोरोना के प्रसार और जोखिमों के लिए एक संकेतक हो सकता है।
नवीनतम कोविड-19 का वैरिएंट JN.1, देश में वर्तमान कोरोना के मामलों का लगभग आधा हिस्सा है। यह पहले के वैरिएंट की तुलना में एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में अधिक आसानी से फैलता है, लेकिन यह ज्यादातर लोगों को गंभीर रूप से बीमार नहीं बनाता है। इस शोध से ये बात पता चलती है कि कोरोना सिर्फ हवा से ही नहीं एक और माध्यम से संक्रमण बढ़ाने का कारण बन सकता है, पर इसका जोखिम कितना है, क्या दूषित जल के संपर्क में आने से भी लोगों को ये संक्रमण हो रहा है, इस बारे में और अधिक शोध की आवश्यकता है।
सीडीसी और प्रमुख स्वास्थ्य संगठन इस दिशा में लगातार काम कर रहे हैं।
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स्रोत और संदर्भ
National Wastewater Surveillance System (NWSS)
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