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Study: हार्ट अटैक से बचाने में इस विटामिन को पाया गया लाभकारी, 20 फीसदी तक कम हो सकता है खतरा

Sun, 02 Jul 2023 01:00 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हार्ट की बीमारियों से कैसे बचें? - फोटो : iStock
हार्ट अटैक, वैश्विक स्तर पर बढ़ते गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों में से एक है। वयस्कों से लेकर बुजुर्गों तक, लगभग सभी उम्र के लोगों में इसका खतरा देखा जा रहा है। हाल के कई रिपोर्ट्स में 20-30 की आयु वाले लोगों को भी हार्ट अटैक का शिकार पाया गया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि जिस तरह से इस जानलेवा रोग का खतरा दुनियाभर में बढ़ता हुआ देखा जा रहा है, ऐसे में सभी लोगों को हृदय को स्वस्थ रखने वाले उपाय लगातार करते रहने की आवश्यकता है।

हार्ट अटैक के जोखिमों को कैसे कम किया जा सकता है, इसको जानने के लिए लंबे समय से शोध चल रहे हैं। इसी से संबंधित एक हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों की टीम ने बताया कि उम्रदराज लोगों को अगर विटामिन-डी सप्लीमेंट्स दिए जाएं तो यह दिल के दौरे सहित कई हृदय रोगों के जोखिमों से सुरक्षित रखने में सहायक हो सकता है।

60 से अधिक उम्र के लोगों में इस सप्लीमेंट के सेवन से लाभ देखे गए हैं, पर इसे बिना डॉक्टरी सलाह के नहीं लिया जाना चाहिए।
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विटामिन-सी से हृदय रोगों का कम होता है जोखिम - फोटो : Pixabay
हृदय रोगों से बचाव के लिए विटामिन-डी सप्लीमेंट्स

इस अध्ययन के लिए 60 से अधिक उम्र के लगभग 21,000 लोगों को शामिल किया गया और उन्हें पांच साल तक हर महीने विटामिन-डी सप्लीमेंट्स या प्लेसिबो दिया गया। बीएमजे मेडिकल जर्नल प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक यह उम्रदराज लोगों में हार्ट अटैक और हृदय की अन्य समस्याओं के जोखिमों को कम करने में लाभकारी हो सकती है।

शोधकर्ताओं ने जोर देकर कहा कि सप्लीमेंट्स से हृदय रोगों का पूरा जोखिम तो नहीं कम होता है पर यह लाभकारी जरूर है।
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हृदय रोगों का जोखिम - फोटो : Pixabay
हृदय रोगों की घटनाएं हुईं कम

परीक्षण के दौरान 1,336 लोगों में हृदय संबंधी घटनाओं को रिपोर्ट किया गया। प्लेसबो समूह में यह जोखिम 6.6% और विटामिन-डी सप्लीमेंट्स लेने वाले समूह में खतरा 6% देखा गया। हालांकि प्लेसिबो समूह की तुलना में विटामिन-डी समूह में प्रमुख हृदय संबंधी समस्याओं की दर 9% कम थी, जो प्रति 1,000 प्रतिभागियों पर 5.8 घटनाओं के बराबर थी। विटामिन-डी समूह में दिल का दौरा पड़ने की दर 19% कम थी। हालांकि दोनों समूहों के बीच स्ट्रोक के जोखिम में कोई अंतर नहीं देखा गया।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
विटामिन-डी का इस्तेमाल

शोधकर्ताओं ने परीक्षण की सीमाओं को स्वीकार किया और कहा कि निष्कर्ष सभी लोगों पर लागू नहीं हो सकते हैं। हालांकि, यह एक बड़ा परीक्षण था और हृदय संबंधी घटनाओं और मृत्यु दर को कम करने में इसके लाभ देखे गए हैं। विटामिन-डी शरीर में कैल्शियम और फॉस्फेट की मात्रा को नियंत्रित करने में मदद करती है।

कोविड-19 के दौरान शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देने के लिए भी इसके इस्तेमाल को लेकर कुछ अध्ययनों में जिक्र किया गया था।
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विटामिन-डी कई प्रकार से लाभकारी - फोटो : Pixabay
क्या कहते हैं शोधकर्ता?

ऑस्ट्रेलियाई लेखकों ने कहा, निष्कर्षों से संकेत मिलता है कि विटामिन-डी सप्लीमेंट्स हृदय संबंधी घटनाओं को कम कर सकते हैं, विशेषतौर पर उम्रदराज लोगों में इसके अच्छे परिणाम देखे गए हैं। हालांकि इसकी प्रमाणिकता के लिए और अधिक परीक्षणों की आवश्यकता है। आहार में विटामिन-डी वाली चीजों को शामिल करने या फिर डॉक्टरी सलाह पर इसके सप्लीमेंट्स से आपको लाभ मिल सकता है।


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स्रोत और संदर्भ
Vitamin D supplementation and major cardiovascular events: D-Health randomised controlled trial

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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