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Hypertension: सिर्फ हृदय ही नहीं, नसों-किडनी के लिए भी हानिकारक है ये बीमारी, भारतीय लोगों में बढ़ रहा है खतरा

Sun, 02 Jul 2023 08:00 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हाइपरटेंशन के कारण होने वाली समस्याएं - फोटो : istock
हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर, मुख्यरूप से लाइफस्टाल में गड़बड़ी के कारण होने वाली समस्या है जो कई गंभीर रोगों का कारण बनती है। आमतौर पर माना जाता है कि ब्लड प्रेशर बढ़ने से सबसे ज्यादा नुकसान हृदय की सेहत को होता है। हाइपरटेंशन को हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी जानलेवा समस्याओं के प्रमुख कारण के रूप में भी जाना जाता है। पर ध्यान दें,  ब्लड प्रेशर बढ़ना सिर्फ हृदय रोगों की गंभीरता तक ही सीमित नहीं है, इसका शरीर के कई अन्य अंगों पर भी असर हो सकता है। 

डॉक्टर कहते हैं, ब्लड प्रेशर बढ़ने का मतलब आपकी सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर रीडिंग 140 (mm Hg) से अधिक और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर 90 (mm Hg) से ज्यादा होता है। अगर आपमें भी अक्सर इसी तरह की रीडिंग बनी रहती है तो इसके गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभाव हो सकते हैं, जिसको लेकर सावधान रहने की आवश्यकता है।

आइए ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जानते हैं।
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हार्ट की समस्याएं - फोटो : istock
हृदय को सबसे ज्यादा नुकसान

उच्च रक्तचाप का सबसे अधिक दुष्प्रभाव हृदय की सेहत पर देखा जाता रहा है। उच्च रक्तचाप के कारण संकुचित और क्षतिग्रस्त धमनियां, हृदय तक रक्त की आपूर्ति ठीक तरीके से नहीं कर पाती हैं। हृदय में रक्त प्रवाह कम होने से सीने में दर्द (एनजाइना), अनियमित हृदय गति या दिल का दौरा पड़ सकता है।

उच्च रक्तचाप हृदय को शरीर के बाकी हिस्सों में रक्त पंप करने के लिए अधिक मेहनत करने के लिए मजबूर करता है। इसके कारण निचला बायां हृदय कक्ष मोटा हो जाता है। इससे हार्ट फेलियर और अचानक मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है।
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तंत्रिकाओं को होने वाली समस्याएं - फोटो : istock
नसों-धमनियों को नुकसान

स्वस्थ धमनियां लचीली और मजबूत होती हैं। उनकी आंतरिक परत चिकनी होती है ताकि रक्त का प्रवाह ठीक तरीके से होता रह सके। अंगों और ऊतकों को पोषक तत्व और ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए धमनियों का स्वस्थ रहना बहुत आवश्यक है। हालांकि उच्च रक्तचाप की समस्या धीरे-धीरे धमनियों के माध्यम से बहने वाले रक्त के दबाव को बढ़ा देती है जिससे इनके क्षतिग्रस्त और संकुचित होने का खतरा रहता है। रक्त का प्रवाह बाधित होना पूरे शरीर के लिए हानिकारक है। 

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ब्रेन स्ट्रोक की समस्या का जोखिम - फोटो : Pixabay
बढ़ जाता है ब्रेन स्ट्रोक का खतरा

ब्रेन स्ट्रोक तब होता है जब मस्तिष्क के हिस्से को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिलते हैं, जिससे मस्तिष्क की कोशिकाएं डेड होने लग जाती हैं। उच्च रक्तचाप से क्षतिग्रस्त रक्त वाहिकाएं सिकुड़ सकती हैं, फट सकती हैं या उनमें रिसाव हो सकता है। उच्च रक्तचाप के कारण मस्तिष्क तक जाने वाली धमनियों में रक्त के थक्के बन सकते हैं, जिससे रक्त प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है और यह स्ट्रोक का कारण बन सकती है। 
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किडनी की बीमारियों का जोखिम - फोटो : istock
किडनी को नुकसान

किडनी, रक्त से अतिरिक्त तरल पदार्थ और अपशिष्ट को फिल्टर करती हैं। उच्च रक्तचाप के कारण किडनी और वहां तक जाने वाली रक्त वाहिकाओं को भी नुकसान पहुंच सकता है।  हाई ब्लड प्रेशर वाले रोगियों में किडनी फेलियर का खतरा बहुत अधिक होता है। क्षतिग्रस्त रक्त वाहिकाएं किडनी को रक्त से अपशिष्ट को प्रभावी ढंग से फिल्टर करने से रोकती हैं, जिससे खतरनाक स्तर के तरल पदार्थ और अपशिष्ट एकत्र हो जाते हैं। ये स्थिति किडनी के लिए बहुत हानिकारक है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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