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Rahat Indori Death: हार्ट अटैक से कितना अलग है कार्डियक अरेस्ट, किन बीमारियों से जूझ रहे थे राहत इंदौरी?

Wed, 12 Aug 2020 03:23 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Rahat Indori Cardiac Arrest - फोटो : Amar Ujala/Pexels
मशहूर शायर राहत इंदौरी का मंगलवार को कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई। मंगलवार की सुबह ही सोशल मीडिया पर उन्होंने कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने की सूचना दी थी। कुछ ही घंटे बाद उनकी मौत की खबर आई। अभी पिछले ही महीने मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान की मौत्रा भी कार्डियक अरेस्ट से हुई थी। इससे पहले तमिलनाडु की मुख्यमंत्री रह चुकीं जयललिता, बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री श्रीदेवी की मौत का कारण भी कार्डियक अरेस्ट ही था। बहुत से लोगों के मन में यह सवाल उठ सकता है कि कार्डियक अरेस्ट आखिर होता क्या है! क्या यह हर्ट अटैक जैसा है, या फिर उससे अलग है? हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट अलग है तो दोनों के बीच क्या अंतर होते हैं?
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राहत इंदौरी(फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
किन बीमारियों से जूझ रहे थे राहत इंदौरी?
  • राहत इंदौरी की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। वह अरविंदो अस्पताल में भर्ती हुए थे। अस्पताल के निदेशक विनोद भंडारी के मुताबिक इलाज के दौरान पता चला कि वह कई तरह की समस्याओं से जूझ रहे थे, जिनमें पायलेटर निमोनिया, 70 फीसदी लंग खराब, डायबिटिक शामिल हैं। मंगलवार को उन्हें दिल का दौरा पड़ा और सिवियर अटैक आया। निदेशक ने बताया कि कार्डियक अरेस्ट के बाद एक बार वे रिवाईव भी हुए पर उनकी मौत हो गई। 
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Care your Heart - फोटो : पेक्सेल्स
सबसे पहले जानते हैं कि कार्डियक अरेस्ट क्या होता है:
  • कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में दिल के भीतर के हिस्सों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान गड़बड़ हो जाता है। इस कारण दिल की धड़कन पर बुरा असर पड़ता है। जकार्डियोपल्मोनरी रेसस्टिसेशन (CPR) के जरिए मरीज के हार्ट रेट को नियमित और सुचारू करने की कोशिश की जाती है। जिन लोगों को पहले हार्ट अटैक हो चुका होता है, उन्हें कार्डियक अरेस्ट की आंशका ज्यादा रहती है। 

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कार्डिएक अरेस्ट (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social Media
अचानक क्यों होता है कार्डिएक अरेस्ट
  • heart.org के मुताबिक, कार्डियक अरेस्ट अचानक से होता है। शरीर की तरफ से इसकी कोई चेतावनी नहीं मिलती। आम तौर पर दिल में होने वाली इलेक्ट्रिकल गड़बड़ी के कारण धड़कन का तालमेल बिगड़ जाता है। इस कारण दिल की 'पम्प करने की क्षमता' प्रभावित होती है और हमारे दिल, दिमाग या शरीर के दूसरे हिस्सों तक खून पहुंच पाने में बहुत दिक्कत होती है। ऐसे में बहुत कम समय में व्यक्ति बेहोश हो जाता है और नब्ज भी जाती रहती है। अगर सही वक्त पर सही सपोर्टिव इलाज न मिले तो कार्डियक अरेस्ट से कुछ मिनटों में ही मौत हो जाती है। 
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हार्ट अटैक (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : pixaby
हार्ट अटैक क्या होता है?
  • हार्ट अटैक के दौरान दिल के कुछ हिस्सों में खून का बहाव जम जाता है। ऐसे मामलों में इलाज मिलने में जितनी देर होगी, दिल और शरीर को उतना ही अधिक नुकसान होता चला जाएगा। इसमें लक्षण तुरंत भी दिख सकते हैं और कुछ देर भी हो सकती है। हार्ट अटैक आने के कुछ घंटों या कुछ दिनों बाद तक इसका असर देखने को मिलता है। कार्डियक अरेस्ट की तरह हार्ट अटैक में दिल की धड़कन अचानक बंद नहीं होती। 
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कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
आपस में गहरी जुड़ी हैं दोनों बीमारियां
  • कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक, दोनों ही बीमारियों आपस में गहरी जुड़ी हैं। कई बार हार्ट अटैक के दौरान या उसकी रिकवरी के दौरान भी कार्डिएक अरेस्ट आने की संभावना रहती है। चूंकि हार्ट अटैक में दिल की धड़कन तुरंत बंद नहीं होती, इसलिए कार्डिएक अरेस्ट की तुलना हार्ट अटैक में मरीज को बचाए जाने की संभावना कहीं ज्यादा होती है।
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हार्ट अटैक(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन के अनुसार, 
  • दिल में इलेक्ट्रिकल सिग्नल की समस्याएं शरीर में जब ब्लड नहीं पहुंचने देती तो वह कार्डियक अरेस्ट की शक्ल ले लेता है। जब इंसान का शरीर ब्लड को पंप करना बंद कर देता है तो दिमाग में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। ऐसा होने पर व्यक्ति बेहोश हो जाता है और उसे सांस लेने में बहुत तकलीफ होने लगती है। इसके कोई लक्षण पहले से नहीं दिखते हैं और कार्डियक अरेस्ट में मौत होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। 
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