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CoronaVirus Vaccine: दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन पर क्यों मचा हुआ है बवाल?

Wed, 12 Aug 2020 01:36 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Russia Vaccine - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच भारत समेत दुनियाभर के कई देशों से वैक्सीन को लेकर अच्छी खबरें सामने आ रही हैं। भारत में आईसीएमआर और भारत बायोटेक, जायडस कैडिला समेत कई कंपनी और संस्थाएं वैक्सीन का ट्रायल कर रही हैं। वहीं, ब्रिटेन, अमेरिका, रूस, इस्रायल, चीन समेत अन्य देश भी वैक्सीन बनाने के काफी करीब हैं। रूस ने दुनिया की पहली वैक्सीन बना लेने का दावा किया है। बुधवार, 12 अगस्त यानी कल ही इस वैक्सीन का पंजीकरण कराने की पूरी तैयारी है। इस बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतीन रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस वैक्सीन को मंजूरी दे दी है। लेकिन इस वैक्सीन पर तमाम सवाल और बवाल उठ रहे हैं। 
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Coronavirus Vaccine Update - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
  • रूस का दावा है कि उसने कोरोना की पहली वैक्सीन तैयार कर ली है। खबरों के मुताबिक, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बेटी को मंगलवार को कोरोना की वैक्सीन लगाई गई। पुतिन ने एलान किया कि यह दुनिया की पहली सफल वैक्सीन है और रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे मंजूरी दे दी है। समाचार एजेंसी एएफपी ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • मंगलवार को रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना की Gam-Covid-Vac Lyo वैक्सीन को सफल करार दिया और इसी के साथ व्लादिमीर पुतिन ने दावा किया कि रूस में जल्द ही इस वैक्सीन का उत्पादन शुरू किया जाएगा और बड़ी संख्या में इसकी खुराक तैयार की जाएगी। इस वैक्सीन को मॉस्को के गेमेलिया इंस्टिट्यूट ने तैयार किया है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि उनकी बेटी को कोरोना संक्रमण हुआ और उसे ये नई वैक्सीन दी गई है। वैक्सीन देने के कुछ देर बाद उसका तापमान बढ़ा था लेकिन अब वो पहले से ठीक और स्वस्थ है। रूस के अधिकारियों के मुताबिक इस वैक्सीन की डोज ज्यादा जोखिम वाले लोगों जैसे कि स्वास्थ्यकर्मियों, अधिकारियों, शिक्षकों, पुलिसकर्मियों को दी जाएगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • अब अगर रूस की वैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से मंजूरी मिल जाती है तो यह दुनियाभर के लिए एक बड़ी राहत हो सकती है। लेकिन डब्ल्यूएचओ और कई देश इस वैक्सीन पर आपत्ति जता चुके हैं। ब्रिटेन और अमेरिका, रूस की इस वैक्सीन पर भरोसा नहीं करते हैं। इसके अलावा रूस पर वैक्सीन के फॉर्मूले चुराने का भी आरोप लगा था, जिससे रूस ने इनकार कर दिया था। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
  • रूसी समाचार एजेंसी तास के अनुसार मंगलवार को देश के शीर्ष अधिकारियों के नेतृत्व में एक बैठक बुलाई गई, जिसमें राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि उन्हें जहां तक पता है, आज सुबह दुनिया में पहली बार कोरोना वायरस संक्रमण से बचने की एक वैक्सीन पंजीकृत कर ली गई है। स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको ने बताया कि रूस की वैक्सीन प्रभावी तरीके से काम करती है और अच्छी इम्यूनिटी पैदा करती है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay
क्यों मचा है बवाल?
  • दरअसल, रूस ने इस वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल पूरा होने से पहले ही इसका पंजीकरण कराने की घोषणा कर दी थी, जिसके बाद अमेरिका, ब्रिटेन आदि देशों ने इसपर संदेह और आपत्ति जताई। ब्रिटेन ने तो अपने यहां इस वैक्सीन को नहीं इस्तेमाल किए जाने की बात कही है। आरोप यह भी है कि वैक्सीन का ट्रायल दिशानिर्देशों के तहत नहीं हुआ और न ही वृहद स्तर पर इसके परिणाम जारी किए गए। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • इस वैक्सीन के तीसरे चरण को लेकर संशय जताते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रवक्ता क्रिस्टियन लिंडमियर ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा था कि अगर किसी वैक्सीन का तीसरे चरण का ट्रायल किए बगैर ही उसके उत्पादन के लिए लाइसेंस जारी कर दिया जाता है, तो ऐसा खतरनाक माना जाएगा। आरोप है कि रूस ने वैक्सीन के लिए तय दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया है, ऐसे में इसकी सफलता पर भरोसा करना मुश्किल होगा।

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कोरोना वैक्सीन - फोटो : social media
  • इधर, रूस का कहना है कि उसने कोरोना की जो वैक्सीन तैयार की है, वह क्लीनिकल ट्रायल में 100 फीसदी तक सफल रही है। जिन वॉलंटियर्स को वैक्सीन दी गई उनमें कोरोना वायरस के खिलाफ कारगर इम्यूनिटी विकसित हुई है। कुछ हद तक बुखार चढ़ने की समस्या है, जो कि मामूली है और इसे पैरासिटामोल से आसानी से ठीक किया जा सकता है। 

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कोरोना वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : PTI
  • वैक्सीन तैयार करने वाले रिसर्च सेंटर के निदेशक अलेक्जेंडर गिंट्सबर्ग का कहना है कि हमने कोरोना के जो कण वैक्सीन में डाले हैं वे शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाते। ये कण शरीर में अपनी संख्या नहीं बढ़ाते हैं। हालांकि उन्होंने यह माना कि वैक्सीन लगने के बाद कुछ लोगों को बुखार आ सकता है। लेकिन उनका कहना है कि ऐसा इम्यून सिस्टम बूस्ट होने के कारण होता है, जिसे पैरासिटामॉल लेकर आसानी से ठीक किया जा सकता है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
  • रूस के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, वैक्सीन ट्रायल के परिणाम सामने आए हैं उनमें बेहतर इम्युनिटी विकसित होने के प्रमाण मिले हैं। दावा किया कि किसी वॉलंटियर्स में निगेटिव साइडइफेक्ट नहीं देखने को मिले। लैब को वैक्सीन के अप्रूवल का इंतजार है। इसकी अनुमति मिलते ही यह लोगों तक पहुंचाई जा सकेगी। उप स्वास्थ्य मंत्री ओलेग ने कहा है है कि यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि वैक्सीन सुरक्षित साबित हो। 
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