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विशेषज्ञ से जानें: टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा कब बढ़ जाता है? इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

Fri, 25 Jun 2021 08:22 AM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
Medically Reviewed by Dr. Rajesh Mundeja 

डॉ राजेश मुंडेजा 
जनरल फिजीशियन, उजाला सिग्नस अस्पताल  
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एम डी


डायबिटीज एक आम, लेकिन गंभीर समस्या है, जिससे पूरे देश में लाखों लोग जूझ रहे हैं। इसके सबसे आम रूप को टाइप-2 डायबिटीज कहा जाता है। यह आमतौर पर बुजुर्ग लोगों में ही होता है, लेकिन कम उम्र के लोगों और यहां तक कि कभी-कभी बच्चों में भी टाइप-2 डायबिटीज की समस्या हो सकती है। यह एक ऐसी समस्या है, जिसके कारण खून में शुगर का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है। इसमें होने वाले लक्षण खून में शुगर की मात्रा पर निर्भर करते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि टाइप-2 डायबिटीज को ठीक करना संभव नहीं है, लेकिन इसको नियंत्रित करके जरूर रखा जा सकता है। स्वस्थ भोजन और व्यायाम की मदद से इसे नियंत्रित करके रखने की सलाह दी जाती है। हालांकि कुछ लोगों को इसे नियंत्रित करने के लिए दवाओं का सेवन भी करना पड़ता है। आइए जानते हैं टाइप-2 डायबिटीज के लक्षणों के बारे में और इसके होने का खतरा कब बढ़ जाता है? 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
टाइप-2 डायबिटीज के लक्षण क्या हैं? 
  • थकान और सुस्ती महसूस होना 
  • अधिक भूख और प्यास लगना 
  • बार-बार पेशाब आना (खासतौर पर रात के समय) 
  • धुंधला दिखाई देना 
  • बिना किसी कारण के शरीर का वजन कम होना 
  • सिर दर्द, चक्कर आना 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
विशेषज्ञ कहते हैं कि टाइप-2 डायबिटीज में कई लोगों को कोई लक्षण महसूस नहीं होता, जबकि इसके कुछ लक्षणों को बुढ़ापे में होने वाली परेशानी समझ कर नजरअंदाज कर दिया जाता है। ऐसे में टाइप-2 डायबिटीज का पता अक्सर किसी दूसरी बीमारी के जांच के दौरान चल पाता है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
कब बढ़ जाता है टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा? 
  • आमतौर पर 45 साल की उम्र के बाद टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा बढ़ने लगता है, क्योंकि इस उम्र के बाद अक्सर लोग व्यायाम आदि करना कम कर देते हैं, जिससे मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं और वजन बढ़ने लगता है। वजन का सामान्य से अधिक बढ़ना भी टाइप-2 डायबिटीज का सबसे मुख्य जोखिम कारक है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर परिवार में किसी सदस्य को टाइप-2 डायबिटीज है, तो आपको भी यह बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचने का सबसे बेहतरीन तरीका यही है कि अपने शरीर के वजन को सामान्य रखें, नियमित रूप से व्यायाम करें और स्वस्थ आहार लें। अपने भोजन में फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें। 

नोट: डॉक्टर राजेश मुंडेजा, सऊदी अरब, मॉरीशस, मालदीव और भारत सहित विभिन्न देशों में काम करने के साथ 25+ वर्षों के अनुभव वाले एक जाने-माने चिकित्सक हैं। इन्होंने बीकानेर के एसपी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और एमडी की डिग्री प्राप्त की है। इसके साथ इन्होंने सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय में चिकित्सा विशेषज्ञ के रूप में काम किया है और उजाला सिग्नस अस्पताल में शामिल होने से पहले आजमगढ़ उत्तर प्रदेश के महामृत्युंजय अस्पताल में निर्देशक, वरिष्ठ सलाहकार चिकित्सक और चिकित्सा विभाग के प्रमुख रहे हैं।  

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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