डायबिटीज वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। विशेषज्ञ इसे 'साइलेंट किलर' बीमारियों रूप में वर्गीकृत करते हैं, क्योंकि डायबिटीज कई अन्य तरह की बीमारियों के जोखिम को भी बढ़ा देती है। डायबिटीज, मेटाबॉलिज्म में गड़बड़ी के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्या है। मुख्यरूप से लाइफस्टाइल और आहार की दिक्कतों के कारण इस रोग का जोखिम बढ़ जाता है। सामान्यतौर पर वयस्कों और बुजुर्गों में टाइप-2 डायबिटीज का खतरा अधिक देखा जाता रहा है, पर क्या आप जानते हैं कि बच्चों को भी यह बीमारी अपना शिकार बना सकती है?
डॉक्टर्स कहते हैं कि आमतौर पर टाइप-1 डायबिटीज का खतरा बच्चों में देखा जाता रहा है, हालांकि कुछ जोखिम कारक पांच साल से भी कम उम्र के बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को बढ़ा देते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आमतौर पर बच्चों में डायबिटीज के खतरे को लेकर ध्यान नहीं दिया जाता है, पर यह आगे चलकर कई तरह की समस्याओं का कारण बन सकती है। विशेषकर अगर आपके बच्चों को डायबिटीज की समस्या है और समय पर इसका निदान नहीं हो पाता है तो यह शरीर में किडनी-लिवर सहित कई अन्य अंगों के लिए समस्याएं बढ़ा सकता है। आंकड़े बताते हैं कि शहरी परिवेश में पल रहे बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम अधिक देखा गया है। आइए इस समस्या को विस्तार से समझते हैं।