फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना के नकारात्मक माहौल में हो रहे हैं तनाव के शिकार? विशेषज्ञों से जानें खुश और सकारात्मक रहने के टिप्स

Mon, 03 May 2021 08:36 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 6
कोरोना के कारण लोगों में बढ़ रही है नकारात्मकता - फोटो : pixabay
डॉ दिनाकरन 
मनोरोग विशेषज्ञ

डॉ दीपाली बत्रा
मनोरोग विशेषज्ञ


कोरोना वायरस की दूसरी लहर में हर तरफ नकारात्मकता का माहौल बना हुआ है। रोजाना बढ़ते मामले, आसपास के लोग और प्रियजनों के संक्रमित होने की खबरों और लॉकडाउन की स्थिति ने लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को काफी प्रभावित किया है। विशेषज्ञ कहते हैं कि कोरोना की दूसरी लहर न सिर्फ इसलिए गंभीर है क्योंकि इस बार लोग तेजी से संक्रमित हो रहे हैं, बल्कि ऐसी विकट समस्या तब वापस लौटी जब ऐसा लगने लगा था कि अब सबकुछ ठीक हो रहा है। इस तरह की परिस्थितियों ने लोगों को कई तरह से प्रभावित किया है जिसका असर स्पष्टतौर पर लोगों में तनाव, अवसाद और चिड़चिड़ेपन के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञ कहते हैं कि ऐसे समय में लोगों को अपने शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत पर विशेष ध्यान देना चाहिए। आइए जानते हैं इस नकारात्मक माहौल में खुद को तनाव से कैसे बचा सकते हैं?
विज्ञापन

2 of 6
महामारी के दौरान मानसिक तनाव होना सामान्य है - फोटो : Pixabay
बैंगलोर स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज में मनोरोग के सहायक प्रोफेसर, डॉ दिनाकरन डी कहते हैं कि किसी महामारी के दौरान लोगों में मानसिक तनाव होना सामान्य है। प्रतिकूल परिस्थतियों में उदास या भयभीत महसूस करना एक सामान्य मनोवैज्ञानिक प्रतिक्रिया है। जरूरी यह है कि आप अपने घर में या आसपास ऐसी दिक्कतों का सामना कर रहे लोगों को पहचानें और उनकी मदद करें। यह समय एक-दूसरे का साथ देने और मनोबल बढ़ाने का है। 
विज्ञापन

3 of 6
आइसोलेशन में भी नियमित दिनचर्या का पालन करें - फोटो : Social media
आइसोलेशन में रह रहे लोग कैसे रखें अपने मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल?
डॉ दिनाकरन कहते हैं कि कोविड संक्रमित जो लोग घर पर ही आइसोलेशन में हैं उनके लिए अपने मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना और भी जरूरी हो जाता है। आप ऐसे समय में जितने सकारात्मक रहेंगे, उतनी जल्दी बीमारी से ठीक हो सकेंगे।
आइसोलेशन में भी नियमित दिनचर्या का पालन करें। सुबह उठकर कुछ हल्के या साँस लेने वाले व्यायाम करें, किताबें पढ़ें, संगीत सुनें, अच्छी फिल्म देखें, वीडियो कॉल पर अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से बात करें, इन सब से आपको लाभ मिलेगा। इसके अलावा रोज 7-8 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए।
 

4 of 6
सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखें - फोटो : pixabay
तनाव से कैसे बचें?
अमर उजाला से बातचीत के दौरान मनोचिकित्सक डॉ दीपाली बत्रा कहती हैं कि इस समय आप जितना हो सके सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखें। ऐसे विपरीत समय में तनाव से बचने का एकमात्र तरीका है कि आप वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करें। परिवार के लोगों के साथ समय बिताएं, उनसे बातें करें, कुछ अच्छा बनाएं, अच्छा खाएं। ये सभी उपाय आपको तनाव मुक्त रखने में सहायक हो सकते हैं।
 
विज्ञापन

5 of 6
तनाव को कम करने की कोशिश करें - फोटो : Social media
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
डॉ दीपाली बत्रा कहती हैं कि सभी लोगों को इस समय विशेष जागरूकता की जरूरत है। 
  • उन आंकड़ों पर ध्यान न दें जो आपको परेशान करते हों। अपना पूरा ख्याल रखें। कोविड से बचने के सभी जरूरी उपायों का पालन करते रहें।
  • अनुशासित दिनचर्या का पालन करें। अनुशासन में रहने से आपका मन अनावश्यक नकारात्मक विचारों में नहीं भटकने पाता है।
  • कुछ रचनात्मक करें। यदि आप वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं तो भी अपनी पसंद की चीजों के लिए समय निकालें। ऐसा करने से मस्तिष्क में हैपी हार्मोन बढ़ते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
योग और प्राणायाम से मिल सकता है लाभ - फोटो : getty images
इन टिप्स से  मिल सकता है फायदा
  • पर्याप्त नींद लें। रात में जल्दी सोकर सुबह जल्दी उठने की कोशिश करें।
  • शारीरिक और मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने में पौष्टिक आहार का महत्वपूर्ण योगदान होता है।
  • अपने रुचि की चीजें पढ़ें, अखबार से परे जाकर भी आपके लिए चुनने को बहुत कुछ है।
  • योग और प्राणायाम ऐसे समय में बेहद फायदेमंद हो सकते हैं।
  • सबसे महत्वपूर्ण- लोगों की यथासंभव मदद करें। मदद करने से आपको मानसिक शांति का अनुभव होता है।
-----------------------------
नोट: यह लेख बैंगलोर स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज में मनोरोग के सहायक प्रोफेसर, डॉ दिनाकरन डी और मनोचिकित्सक डॉ दीपाली बत्रा से एक बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें