डॉक्टर आशीष सबरवाल
सीनियर कंसल्टैंट यूरोलॉजिस्ट एवं रोबोटिक सर्जन (इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल, नई दिल्ली)
डायरेक्टर (ब्लू रिबन प्रोस्टेट क्लीनिक, नई दिल्ली)
नेशनल बोर्ड सर्टिफाइड (यूरोलॉजी) फैलोशिप इन एंडूरोलॉजी एवं रोबोटिक सर्जरी, जैकसन हेल्थ सिस्टम, मियामी, अमेरिका
यौन सेहत और स्वास्थ्य शारीरिक, भावनात्मक, मानसिक, सामाजिक एवं अध्यात्मिक पक्ष को परिभाषित करती है। यौन अंतरंगता को हमेशा कलंक के रूप में देखा जाता रहा है और लोग यौन विषय पर खुलकर बात करने से कतराते हैं। मौजूदा महामारी के दौर में यौन सेहत की समस्याएं भी अनेक कारणों से बढ़ी हैं। इसके मुख्य कारणों में से एक नौकरी, जीवन कार्य का संतुलन, वित्तीय चुनौतियों, सोशलाईजेशन की कमी और दूसरों के साथ तनावपूर्ण रिश्तों के चलते उत्पन्न तनाव है। तनाव सीधे हमारे हार्मोंस और मूड को प्रभावित करता है और व्यक्ति की यौनेच्छा को कम करता है, जिससे कपल क्वालिटी टाइम गुजारने में असमर्थ हो जाता है। इसके चलते आप धूम्रपान या अल्कोहल लेने लगते हैं, जिससे आपका यौन प्रदर्शन और ज्यादा खराब होने लगता है। इसकी वजह से इरेक्टाईल डिसफंक्शन, समयपूर्व स्खलन, यौनेच्छा की कमी और पुरुषों की प्रजनन क्षमता में कमी आती है।