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रुपए नहीं सिर्फ पांच मिनट समय खर्च करके इस उपाय से हो सकता है 'मूड बूस्ट': स्टडी

Tue, 12 Mar 2019 02:38 PM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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- फोटो : pixabay
आजकल की भाग दौड़ और तनाव भरी जिंदगी में खुशी का एक पल ढूढ़ने के लिए लोग क्या कुछ नहीं करते हैं। दिमाग शांत और स्थिर रहे उसके लिए लोग कई तरीके इस्तेमाल करते हैं और जिसमें काफी पैसे भी खर्च होते हैं। लेकिन हम आपको एक ऐसा उपाय बताने जा रहे हैं, जिसमें रूपए की जगह सिर्फ आपका थोड़ा सा समय खर्च होगा और मन को शांति भी मिलेगी। 
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- फोटो : pixabay
रेजिना विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया है कि प्रकृति में सिर्फ पांच मिनट खर्च करने से आपका मूड चुटकियों में ठीक हो सकता है। जर्नल ऑफ पॉजिटिव साइकोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया है कि जिन लोगों ने प्रकृति में सिर्फ पांच मिनट भी बिताए, उन्होंने सकारात्मक भावनाओं में वृद्धि का अनुभव किया है। हालांकि, इस निष्कर्ष पर आने से पहले शोधकर्ताओं ने दो अध्ययन किए।
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पहले अध्ययन में, विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के कुल 123 प्रतिभागियों को या तो एक बाहरी स्थान या एक बंद स्थान में भेजा गया था। प्रतिभागियों को सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को दूर रहने को कहा गया रखने और ध्यान केंद्रित कर के पांच मिनट तक उस जगह बैठेने की सलाह दी गई। 

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प्रत्येक व्यक्ति को अपनी भावनाओं को मापने को कहा गया था जिसमें दोनों हीडोनिक मूड (आराम और खुशी से जुड़ी भावनाएं) और आत्म-पारगमन (self-transcendent emotions ) की भावनाएं शामिल थीं। जब हेडोनिक भावनाओं की बात आती है, तो बाहर बैठे लोगों ने परीक्षण से पहले और बाद में वृद्धि का अनुभव किया, जबकि बंद कमरे में बैठे लोगों को ये अनुभव नहीं हुआ। 
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दूसरे अध्ययन में, विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के 70 प्रतिभागियों को दोनों जगह 15 मिनट बिना इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बैठने को कहा गया था। दूसरे अध्ययन के लिए, शोधकर्ताओं ने प्रतिभागियों को तनाव, अवसाद और  चिंता सहित नकारात्मक भावनाओं को मापने के लिए पैमाने शामिल किए।
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प्रकृति में बिताए गए समय की अवधि को बढ़ाने के बाद सकारात्मक भावनाओं की मात्रा में वृद्धि नहीं हुई, जबकि अध्ययन में यह भी पता चला कि दोनों जगह पांच मिनट तक आराम से नकारात्मक भावनाएं कम हुई थीं। अध्ययन के लेखकों में से एक, कैथरीन डी के अनुसार, जब खुद को 'इमोशनल बूस्ट' देने की आवश्यकता होती है, तो सबसे तेज और आसान तरीका प्रकृति के साथ कुछ मिनट बिताना है। दूसरा यह है कि, चूंकि प्रकृति के साथ संपर्क हमारे भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है, तो स्थानीय प्राकृतिक स्थानों को संरक्षित करना एक महत्वपूर्ण लक्ष्य होना चाहिए है।
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