प्रकृति में बिताए गए समय की अवधि को बढ़ाने के बाद सकारात्मक भावनाओं की मात्रा में वृद्धि नहीं हुई, जबकि अध्ययन में यह भी पता चला कि दोनों जगह पांच मिनट तक आराम से नकारात्मक भावनाएं कम हुई थीं। अध्ययन के लेखकों में से एक, कैथरीन डी के अनुसार, जब खुद को 'इमोशनल बूस्ट' देने की आवश्यकता होती है, तो सबसे तेज और आसान तरीका प्रकृति के साथ कुछ मिनट बिताना है। दूसरा यह है कि, चूंकि प्रकृति के साथ संपर्क हमारे भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है, तो स्थानीय प्राकृतिक स्थानों को संरक्षित करना एक महत्वपूर्ण लक्ष्य होना चाहिए है।