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Tiku Talsania: हार्ट अटैक नहीं स्ट्रोक का शिकार हुए हैं अभिनेता टीकू तलसानिया, जानिए क्या है इन दोनों में अंतर

Sun, 12 Jan 2025 04:28 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शनिवार को खबरें सामने आईं कि अभिनेता टीकू तलसानिया को हार्ट अटैक हुआ है। हालांकि इसके बाद उनकी पत्नी ने मीडिया को बताया कि टीकू को हार्ट अटैक नहीं बल्कि ब्रेन स्ट्रोक हुआ है। आइए इन दोनों में अंतर जानते हैं।
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टीकू तलसानिया - फोटो : इंस्टाग्राम @tikkutalsania
Heart Attack vs Stroke: मशहूर टीवी एक्टर टीकू तलसानिया ब्रेन स्ट्रोक की समस्या के कारण फिलहाल मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती हैं। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी हालात स्थिर है और डॉक्टर्स की टीम लगातार स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है।

इससे पहले शनिवार को खबरें सामने आईं कि अभिनेता को हार्ट अटैक हुआ है। हालांकि इसके बाद उनकी पत्नी ने मीडिया को बताया कि टीकू को हार्ट अटैक नहीं बल्कि ब्रेन स्ट्रोक हुआ है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, शुक्रवार (10 जनवरी) को टीकू एक फिल्म की स्क्रीनिंग देखने गए थे और रात करीब 8 बजे उनकी तबीयत खराब होने लगी, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।

गौरतलब है कि देश में पिछले कुछ वर्षों में हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक दोनों के ही मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। ये दोनों ही स्थितियां गंभीर और जानलेवा मानी जाती हैं, जिसके कारण हर साल दुनियाभर में लाखों लोगों की मौत हो रही है। ऐसे में आपके लिए जानना जरूरी हो जाता है कि इन दोनों में क्या अंतर है और इनकी पहचान कैसे की जा सकती है?
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ब्रेन स्ट्रोक की समस्या - फोटो : Freepik.com
हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, दिल का दौरा (हार्ट अटैक) और स्ट्रोक के मामले सभी उम्र के लोगों में बढ़ रहे हैं और पहली नजर में इनके लक्षणों में काफी समानता होती है, जिसकी वजह से आमतौर पर लोगों के लिए समझ पाना कठिन होता है कि किसी को हार्ट अटैक हुआ है या स्ट्रोक?

ये दोनों ही स्थितियां मेडिकल इमरजेंसी वाली होती हैं। जिसमें रोगी को शीघ्रता से उपचार की आवश्यता होती है। इलाज या समस्या के निदान में देरी के कारण जान जाने का खतरा अधिक रहता है। आइए इन समस्याओं के बारे में विस्तार से समझते हैं।
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हार्ट अटैक का खतरा - फोटो : Freepik.com
पहले जानिए क्या होता है हार्ट अटैक?

हृदय में रक्त का प्रवाह कम या अवरुद्ध होने के कारण हार्ट अटैक होता है। कोरोनरी आर्टरी यानी हृदय तक रक्त का संचार करने वाली धमनियों में वसा, कोलेस्ट्रॉल और अन्य पदार्थों के जमाव के कारण ये समस्या होती है। वसा या कोलेस्ट्रॉल युक्त जमाव को प्लाक कहा जाता है, ये खून के प्रवाह को बाधित कर सकती हैं। ब्लड प्रेशर बढ़ने को हार्ट अटैक होने का प्रमुख कारण माना जाता रहा है। 

हार्ट अटैक होने पर छाती में तकलीफ जैसे दबाव, भरापन या दर्द के अलवा आमतौर पर बाईं तरफ की बाहों, ऊपरी पीठ, पेट या जबड़ों में भी दर्द की समस्या होती है। हार्ट अटैक में सांस में तकलीफ, पसीना आने, उल्टी की भी समस्या होती है। इन लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।

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ब्रेन से संबंधित समस्याएं - फोटो : Freepik.com
ब्रेन स्ट्रोक को समझिए

स्ट्रोक या ब्रेन अटैक तब होता है जब मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है या मस्तिष्क में कोई रक्त वाहिका फट जाती है। इससे ब्रेन सेल्स डेड होने लगते हैं जिससे स्थायी ब्रेन डैमेज, विकलांगता या मृत्यु तक भी हो सकती है।

ब्रेन स्ट्रोक की समस्या में आमतौर पर सिर में तेज दर्द होता है। इसके अलावा चेहरा लटकना या लकवा की समस्या (जो आमतौर पर चेहरे के एक तरफ होता है), बोलने या बातों को समझने में कठिनाई, हाथों में कमजोरी आने, चलने या शरीर का संतुलन बनाने में कठिनाई हो सकती है। 
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ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : Freepik.com
हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल इन दोनों समस्याओं का कारण

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हार्ट अटैक हो या स्ट्रोक इन दोनों ही समस्याओं के लिए जिन दो कारणों को सबसे ज्यादा जिम्मेदार माना जाता है वह हैं- हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल।

उच्च रक्तचाप रक्त वाहिकाओं की दीवारों को नुकसान पहुंचाने लगती है जिससे इनके फटने और रक्तस्राव का खतरा होता है। इसके कारण स्ट्रोक और हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ जाता है। इसी तरह से हाई कोलेस्ट्रॉल धमनियों में वसा का जमाव बढ़ाने लगती है जिससे मस्तिष्क और हृदय में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है। इससे भी आप हार्ट अटैक या स्ट्रोक का शिकार हो सकता है। इन दोनों को कंट्रोल करके आप गंभीर समस्याओं से बचाव कर सकते हैं।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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