गतिहीन जीवनशैली, आहार में गड़बड़ी और कई अन्य कारकों के चलते पिछले एक दशक में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं काफी बढ़ गई हैं। थायराइड विकार उनमें से एक हैं। गले के निचले हिस्से में स्थित तितली के आकार की थायराइड ग्रंथि के सामान्य कार्य में होने वाली दिक्कत के कारण लोगों को इस तरह की समस्या होती है। भारत में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण सांख्यिकी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार साल 2013 तक हर 2000 में एक व्यक्ति थायराइड की बीमारी से ग्रसित होता था, पिछले कुछ वर्षों में यह आंकड़ा और बढ़ा है। थायराइड विकार के कारण लोगों को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जिनका समय पर निदान और उपचार आवश्यक माना जाता है।
अध्ययनों से पता चलता है कि समय के साथ, अनुपचारित हाइपोथायरायडिज्म की स्थिति कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। ऐसे लोगों में मोटापा, जोड़ों में दर्द, बांझपन और हृदय रोगों का जोखिम काफी बढ़ जाता है। हमारे दैनिक जीवन की कई आदतें इस विकार की जटिलताओं को बढ़ावा दे सकती हैं। इस बारे में जानकारी और बचाव के उपायों को प्रयोग में लाना आपके लिए बहुत आवश्यक है। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं।