फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विशेषज्ञों की सलाह: डोपामाइन का स्तर बढ़ाने में सहायक हैं ये आदतें, खुशियों के एहसास के लिए जरूरी है यह हार्मोन

Fri, 01 Apr 2022 06:28 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
खुशी महसूस कराने वाले हार्मोन्स - फोटो : पेक्सेल्स
क्या आप जानते हैं कि आपको खुशी का अनुभव कैसे होता है? असल में मूड को ठीक रखने और खुशी का अनुभव कराने में कुछ न्यूरोट्रांसमीटर्स महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, डोपामाइन उन्हीं में से एक है। डोपामाइन एक प्रकार का न्यूरोट्रांसमीटर है जिसका शरीर में स्वत: निर्मित होता है। तंत्रिका तंत्र और कोशिकाओं के बीच संदेश भेजने के लिए शरीर इसका उपयोग करता है, इसलिए इसे 'रासायनिक संदेशवाहक' भी कहा जाता है। हम कैसे आनंद महसूस करते हैं, इसमें भी डोपामाइन की भूमिका होती है। यह सोचने और योजना बनाने की हमारी अनूठी मानवीय क्षमता का एक बड़ा हिस्सा है। शरीर में इसकी कमी कई तरह से आपकी सेहत को प्रभावित कर सकती है।

मस्तिष्क में डोपामाइन हार्मोन की कमी, समग्र मानसिक स्वास्थ्य और खुशियों के अनुभव को कम कर सकती है। कई तरह की सप्लीमेंट्स और दवाइयां हैं जो डोपामाइन के स्तर को बढ़ावा देने में मदद कर सकती हैं, पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसकी जगह पर प्राकृतिक तरीकों को चुनने की सलाह देते हैं। इससे साइड-इफेक्ट के जोखिम को कम किया जा सकता है। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि प्राकृतिक तौर पर इस ब्रेन कैमिकल के स्तर को बेहतर कैसे रखा जा सकता है?
विज्ञापन

2 of 5
डोपामाइन हार्मोन बढ़ाते हैं खुशी का एहसास - फोटो : Pixabay
नियमित रूप से व्यायाम करें
शारीरिक और मानसिक दोनों ही तरह की सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए व्यायाम को सबसे कारगर तरीका माना जाता है। व्यायाम की आदत प्राकृतिक तौर पर डोपामाइन और एंडोर्फिन हार्मोंन्स के स्तर को बढ़ाने में मदद करती है। ये हार्मोन्स मूड को बेहतर बनाने में सहायक होते है। हमेशा आनंदित रहने और स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए नियमित वर्कआउट रूटीन बनाए रखें।
विज्ञापन

3 of 5
सूर्य की रोशनी सेहत के लिए जरूरी - फोटो : Pixabay
शरीर के लिए आवश्यक है धूप
पर्याप्त मात्रा में धूप प्राप्त करना न सिर्फ विटामिन-डी के लिए आवश्यक है, साथ ही यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों में मदद करता है। सूरज की रोशनी भी डोपामाइन के उत्तेजक के रूप में जानी जाती है, इसलिए रोज सुबह की धूप में वॉक करने की आदत को सबसे फायदेमंद माना जाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि घरों में बंद रहने वाले लोगों में समय के साथ खुशी महसूस करने की भावना में कमी देखी गई है।

4 of 5
संगीत से दिमाग रहता है शांत - फोटो : iStock
अच्छा संगीत सुनें
अच्छा संगीत सुनना आपको आनंदित और उत्साहित करने में मदद कर सकता है। कई अध्ययनों ने संगीत के चिकित्सीय लाभों और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने की इसकी क्षमता का समर्थन किया है। यह डोपामाइन के स्तर को बेहतर बनाने में भी मदद कर सकती है। भारतीय शास्त्रीय संगीत में कई राग हैं जो आपके दिमाग को शांति देने और खुशियों की अनुभूति को बढ़ाने में काफी सहायक हो सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
अच्छी नींद पाने के तरीके - फोटो : iStock
नींद बहुत जरूरी
शारीरिक और मानसिक दोनों ही स्वास्थ्य के लिए शरीर के लिए पर्याप्त आराम और अच्छी नींद बहुत आवश्यक है। डोपामिन के स्तर को बढ़ाने की कोशिश करते समय शरीर को पर्याप्त आराम देने पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। शोध से पता चलता है कि नींद पूरी न कर पाने  से डोपामाइन रिसेप्टर्स की कार्यक्षमता कम हो जाती है, जिसके कारण आपको मूड से संबंधित कई तरह के विकार हो सकते हैं। सभी लोगों को रोजाना रात में कम से कम 6-8 घंटे की नींद जरूर पूरी करनी चाहिए। 


---------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें