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Alert: कम उम्र में ही हड्डियों को कमजोर कर देती हैं ऐसी आदतें, अभी से हो जाएं सावधान वरना बढ़ जाएगी दिक्कत

Thu, 23 Jun 2022 07:12 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हड्डियों की बढ़ती समस्याओं के कारण - फोटो : iStock
शारीरिक संरचना और संतुलन को बेहतर बनाए रखने के लिए हड्डियों का स्वस्थ रहना बहुत आवश्यक माना जाता है। इसमें होने वाली किसी भी तरह की समस्या का असर पूरी सेहत को प्रभावित कर सकता है। हड्डियों की समस्या के कारण जीवनशैली के सामान्य कामकाज करने तक में दिक्कत हो सकती है, यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को हड्डियों को स्वस्थ रखने वाले उपाय करते रहने की सलाह देते हैं।

कुछ वर्षों पहले तक हड्डियों की समस्या को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली दिक्कतों के तौर पर देखा जाता था, हालांकि पिछले कुछ वर्षों में कम आयु के लोगों में भी इस तरह की दिक्कतों का निदान किया जा रहा है।

विशेषज्ञों की मानें तो पिछले कुछ वर्षों में लोगों में बढ़ी आहार और जीवनशैली की गड़बड़ आदतों ने कम उम्र में ही हड्डियों से संबंधित खतरों को बढ़ा दिया है। यही कारण है कि ज्यादातर लोगों में 30 साल की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते हड्डी के द्रव्यमान में कमी की समस्या देखी जा रही है। ये स्थितियां आगे चलकर ऑस्टियोपोरोसिस या आर्थराइटिस जैसी समस्याओं के जोखिम को बढ़ा देती हैं। हड्डियों को स्वस्थ रखने में आहार की विशेष भूमिका होती है, ऐसे में सभी लोगों को स्वस्थ और पौष्टिक चीजों के सेवन पर अधिक ध्यान देना चाहिए। आइए जानते हैं कि दैनिक जीवन और खान-पान की कौन सी खराब आदतें हड्डियों की समस्या को बढ़ा देती हैं, साथ ही इनसे कैसे बचाव किया जा सकता है?
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ज्यादा प्रोटीन भी नुकसान - फोटो : Pixabay
बहुत अधिक प्रोटीन का सेवन

मांसपेशियों को स्वस्थ रखने और शरीर को बेहतर ढंग से काम करते रहने के लिए प्रोटीन वाली चीजों का सेवन करना बहुत आवश्यक माना जाता है, हालांकि यदि आप प्रोटीन का सेवन बहुत अधिक मात्रा में करते हैं तो इससे हड्डियों को नुकसान भी हो सकता है। बहुत अधिक मात्रा में प्रोटीन वाली चीजों के सेवन की स्थिति में शरीर को अधिक मात्रा में कैल्शियम का उत्सर्जन करना पड़ता है जिससे हड्डियों को यह आवश्यक खनिज पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाता है। कैल्शियम की कमी हड्डियों को कमजोर कर देती है। 
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शारीरिक निष्क्रियता के कारण होने वाले नुकसान - फोटो : istock
सेंडेंटरी लाइफस्टाल के नुकसान

सेंडेंटरी लाइफस्टाल यानी कि शारीरिक निष्क्रियता के शरीर पर कई प्रकार के दुष्प्रभाव हो सकते हैं, हड्डियों की समस्याएं भी इनमें से एक हैं। एक ही स्थान पर ज्यादा देर तक बैठे रहने या फिर घर के अंदर रहने की ही आदत आपके लिए मुश्किलें बढ़ा सकती है। यह आदत न सिर्फ शारीरिक निष्क्रियता को बढ़ाती है साथ ही आपका सूर्य के प्रकाश से संपर्क भी कम हो जाता है।

सूरज की रोशनी विटामिन-डी का  अच्छा स्रोत है, जो कैल्शियम के अवशोषण के लिए आवश्यक है। ऐसे में घर से बाहर न जाने की आदत भी आपकी हड्डियों के लिए नुकसानदायक हो सकती है।

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धूम्रपान से शरीर को होने वाले नुकसान - फोटो : Pixabay
धूम्रपान और सोडियम का अधिक सेवन

सोडियम वाली चीजों के अधिक सेवन को हाई ब्लड प्रेशर के कारक के तौर पर जाना जाता है, पर क्या आप जानते हैं कि इससे हड्डियों को भी नुकसान पहुंचता है। सोडियम के साथ-साथ धूम्रपान को भी हड्डियों के लिए नुकसानदायक माना जाता है।  शोध के अनुसार, धूम्रपान करने वाली महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन का उत्पादन कम हो जाता है जिससे समय पहले रजोनिवृत्ति हो सकती है। यह स्थिति आपमें ऑस्टियोपोरोसिस जैसे हड्डियों के तमाम रोगों के जोखिम को बढ़ा देती है। 
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हड्डियों की सेहत का रखें ख्याल - फोटो : iStock
हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक सभी आयु वाले लोगों को हड्डियों को स्वस्थ रखने वाले उपाय करते रहने चाहिए। इसके लिए जीवनशैली और आहार को स्वस्थ रखना बहुत आवश्यक है। 
  • हरी सब्जियों का सेवन करें।
  • नियमित रूप से योग-व्यायाम की आदत बनाएं।
  • कैल्शियम और विटामिन-डी वाली चीजों का सेवन करें।
  • शराब-धूम्रपान से हड्डियों को नुकसान पहुंचता है, इससे परहेज करें।
  • हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए सूर्य के संपर्क में रहने की कोशिश करें। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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